रंगों का उल्लास, सुरक्षा का संकल्प और स्वास्थ्य की चिंता

आज का कैलेंडर कई मायनों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है। जहाँ एक ओर देश की गलियाँ और चौराहे ‘होली’ के रंगों में सराबोर हैं, वहीं दूसरी ओर आज राष्ट्रीय स्तर पर ‘सुरक्षा’ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘स्वास्थ्य’ से जुड़े बड़े संदेश दिए जा रहे हैं।
1. रंगों का महापर्व: होली (धुलंडी)
आज देशभर में ‘धुलंडी’ यानी रंगों वाली होली खेली जा रही है। 3 मार्च की शाम को होलिका दहन के बाद आज लोग आपसी मनमुटाव भुलाकर एक-दूसरे को गुलाल लगा रहे हैं।
- महत्व: यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है।
- खास: इस वर्ष की होली इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह फाल्गुन पूर्णिमा के ठीक बाद चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि को मनाई जा रही है।
2. राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (National Safety Day)
भारत आज अपना 55वां राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मना रहा है। 4 मार्च 1966 को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद’ (NSC) की स्थापना हुई थी, जिसकी याद में हर साल यह दिन मनाया जाता है।
- थीम 2026: इस वर्ष की थीम “सुरक्षा संस्कृति को बढ़ाना: तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण का संगम” पर आधारित है।
- उद्देश्य: कार्यस्थलों, सड़कों और घरों में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना।
3. विश्व मोटापा दिवस (World Obesity Day)
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज का दिन स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का आह्वान करता है। ‘वर्ल्ड ओबेसिटी डे’ के माध्यम से दुनिया भर में मोटापे जैसी गंभीर समस्या के समाधान पर चर्चा की जाती है।
- संकल्प: इसका उद्देश्य मोटापे से जुड़ी बीमारियों (जैसे मधुमेह और हृदय रोग) के प्रति जागरूकता फैलाना और एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
4. विश्व वन्यजीव दिवस (विशेष उल्लेख)
हालांकि मुख्य रूप से यह 3 मार्च को मनाया जाता है, लेकिन भारत में होली के उत्सव के कारण कई स्थानों पर वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम आज भी आयोजित किए जा रहे हैं।
इतिहास के झरोखे से: 4 मार्च की अन्य यादें
- 1839: भारतीय उद्योग के जनक जमशेदजी टाटा का जन्म हुआ था।
- 1951: नई दिल्ली में पहले एशियाई खेलों (Asian Games) का आयोजन हुआ था।
- 1961: भारत के पहले विमानवाहक पोत ‘आईएनएस विक्रांत’ को सेना में शामिल किया गया था।

धार्मिक पंचांग: फाल्गुन की विदाई और रंगों का उल्लास, जानें आज के शुभ मुहूर्त और नक्षत्र
भारतीय जनमानस के लिए आज का दिन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि का समापन और चैत्र मास की प्रतिपदा का आगमन हो रहा है। आज मुख्य रूप से ‘धुलंडी’ यानी रंगों वाली होली का पर्व मनाया जा रहा है।
आज की तिथि और वार
विक्रम संवत 2082 (राक्षस संवत) के अनुसार आज फाल्गुन पूर्णिमा तिथि प्रातः काल तक है, जिसके पश्चात चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ हो रहा है। आज बुधवार का दिन है, जो प्रथम पूज्य भगवान गणेश और बुद्धि के प्रदाता बुध ग्रह को समर्पित है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: प्रातः 06:42 बजे
- सूर्यास्त: सायं 18:24 बजे
नक्षत्र और योग
आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इस नक्षत्र को आनंद और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। आज ‘धृति’ योग बन रहा है, जिसे किसी भी कार्य को धैर्यपूर्वक संपन्न करने के लिए शुभ माना जाता है। चंद्रमा आज पूरे दिन सिंह राशि में संचरण करेंगे, जिससे सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए मानसिक ऊर्जा बनी रहेगी।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 बजे से 12:56 बजे तक (किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ)।
- अमृत काल: दोपहर 03:20 बजे से 05:05 बजे तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:17 बजे तक।

राहुकाल: सावधानी का समय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में शुभ कार्यों से बचना चाहिए। आज का राहुकाल दोपहर 12:33 बजे से 02:01 बजे तक रहेगा। इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर या यात्रा प्रारंभ करने से बचें।
आज का विशेष धार्मिक महत्व
- होली (धुलंडी): आज रंगों के उत्सव के साथ-साथ ‘चैत्र कृष्ण प्रतिपदा’ का आरंभ है। आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है।
- गणेश पूजन: बुधवार होने के कारण आज ‘अथर्वशीर्ष’ का पाठ करना और भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना आर्थिक बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है।
- वसंत ऋतू का प्रभाव: पंचांग के अनुसार वसंत ऋतु अपने पूरे यौवन पर है, जो प्रकृति और मानव स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
आज का संदेश: > “होली के रंगों का आनंद लें, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के अवसर पर स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा का संकल्प लेना न भूलें। खुशियां मनाएं, पर जिम्मेदारी के साथ।”








