अरनी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विशेष व्याख्यान का आयोजन

कांगड़ा/इंदौरा: अरनी विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी’ और ‘स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर’ द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच वैज्ञानिक नवाचार और अनुसंधान के महत्व को प्रोत्साहित करना था।

मुख्य वक्ता का संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और वक्ता डॉ. आलोक कुमार सारण (प्रोफेसर, ऊर्जा और पर्यावरण विज्ञान विभाग, चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा) रहे। उन्होंने “भारतीय ज्ञान, विज्ञान और छिपे हुए मार्ग” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. सारण ने अपने संबोधन में:
- भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत पर चर्चा की।
- पारंपरिक और आधुनिक ज्ञान प्रणालियों के अंतर्संबंधों को समझाया।
- विज्ञान के उन अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला जो आधुनिक अनुसंधान के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
कुलाधिपति का संदेश
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति डॉ. विवेक सिंह जी ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास में विज्ञान की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि अपने भीतर एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temper) और अनुसंधान-आधारित सोच विकसित करें।

कार्यक्रम की झलकियाँ
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- उपस्थिति: कार्यक्रम में प्रो वाइस-चांसलर, डीन एकेडमिक्स और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
- भागीदारी: बेसिक साइंसेज और एग्रीकल्चर विभाग के संकाय सदस्यों और छात्रों ने भारी संख्या में और उत्साहपूर्वक इस सत्र में भाग लिया।
- उद्देश्य: नवाचार (Innovation) और अनुसंधान (Research) की संस्कृति को बढ़ावा देना।
संपादकीय नोट: यह आयोजन न केवल छात्रों के ज्ञानवर्धन में सहायक सिद्ध हुआ, बल्कि इसने भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच एक सेतु का कार्य भी किया।








