भारत सरकार के संयुक्त सचिव ने पठानकोट के पीएम श्री स्कूलों का किया निरीक्षण, प्रिंसिपलों के साथ की विशेष बैठक

पठानकोट, 2 मार्च 2026:जिला पठानकोट के पीएम श्री (PM SHRI) स्कूलों के निरीक्षण के लिए दो दिवसीय दौरे पर आए भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री अरिंदम मोदक और पंजाब शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री हरप्रीत सिंह (PCS) ने आज जिला प्रबंधकीय कॉम्प्लेक्स, मलिकपुर में स्कूल प्रिंसिपलों के साथ एक अहम बैठक की। इस अवसर पर पठानकोट की डिप्टी कमिश्नर डॉ. पल्लवी और अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जी) संजीव शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

शिक्षा पद्धति में बदलाव की आवश्यकता
बैठक के दौरान संयुक्त सचिव श्री अरिंदम मोदक ने प्रिंसिपलों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की आजादी के बाद से हम लगातार शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान समय की मांग के अनुसार अब शिक्षण तकनीकों में भारी बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि:
- बच्चों की पढ़ाई में रुचि बनाए रखने के लिए रोचक तथ्यों और सफल प्रयोगों का सहारा लिया जाए।
- विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें पुस्तकालयों, भारतीय संस्कृति, प्राचीन इतिहास और पौराणिक कथाओं से जोड़ा जाए।
- स्कूलों को एक नई पहचान देने के लिए उनकी ‘कायाकल्प’ की जाए ताकि वे मॉडल संस्थानों के रूप में उभर सकें।

पठानकोट में 19 स्कूलों का चयन
अरिंदम मोदक ने जानकारी दी कि पठानकोट जिले में 19 स्कूलों को पीएम श्री योजना के तहत कवर किया गया है। इनमें:
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- 5 केंद्र सरकार से संबंधित स्कूल।
- 1 जवाहर नवोदय विद्यालय (नाजोचक)।
- 13 पंजाब सरकार के स्कूल शामिल हैं।
क्या है पीएम श्री योजना?
यह केंद्र सरकार द्वारा 2022 में शुरू की गई एक योजना है, जिसका लक्ष्य देश भर के 14,500 से अधिक स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप ‘मॉडल स्कूलों’ के रूप में विकसित करना है। यह योजना 2026-27 तक चलेगी।

निरीक्षण के दौरान सुविधाओं का जायजा
अपनी यात्रा के दौरान संयुक्त सचिव ने पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय (एयरफोर्स स्टेशन), जवाहर नवोदय विद्यालय, और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल मनवाल व बंधानी का दौरा किया। उन्होंने वहां निम्नलिखित सुविधाओं की समीक्षा की:
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- स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब: कंप्यूटर, साइंस और अटल टिंकरिंग लैब का निरीक्षण।
- ग्रीन स्कूल पहल: सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) जैसे पर्यावरण अनुकूल कदमों की जांच।
- वित्तीय पारदर्शिता: फंड के उपयोग और बिलों के निपटान की प्रक्रिया की समीक्षा।
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बैठक में उपस्थित गणमान्य:
इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री/सेकेंडरी) कमलदीप कौर, डिप्टी डी.ई.ओ. अमनदीप कुमार, डी.जी. सिंह, प्रिंसिपल जतिंदर कौर, स्वतंत्र कुमार, सुभाष चंद्र, पूनम, रघुबीर कौर, बलविंदर सैनी और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। जिला प्रशासन द्वारा टीम का स्वागत फूलों के गुलदस्ते भेंट कर किया गया।








