कॉलेज में एबीवीपी का जोरदार प्रदर्शन, प्राचार्य कार्यालय के बाहर दिया धरना

शनिवार की हिंसक झड़प के बाद प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा, दोषियों को निष्कासित करने और FIR की मांग।
चम्बा: ( जितेंद्र मेहरा) राजकीय महाविद्यालय चम्बा में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर जोरदार नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। यह विरोध प्रदर्शन बीते शनिवार को परिसर में दो छात्र गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प और उस पर कॉलेज प्रशासन द्वारा की गई ढुलमुल कार्रवाई के विरोध में किया गया।

विवाद की पृष्ठभूमि
एबीवीपी के पदाधिकारियों का आरोप है कि हिंसा की शुरुआत हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) शिमला से हुई थी, जहां शुक्रवार को वामपंथी विचारधारा से जुड़े छात्रों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला किया। इसी घटना के विरोध में जब शनिवार को चम्बा कॉलेज परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा था, तो वहां भी वामपंथी गुटों ने न केवल बाधा उत्पन्न की, बल्कि हथियारों से हमला करने का प्रयास भी किया।

प्रशासन पर गंभीर आरोप
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कॉलेज प्रशासन और अनुशासन समिति को आड़े हाथों लिया। कार्यकर्ताओं के मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
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- FIR में देरी: इतनी बड़ी घटना और हथियारों के इस्तेमाल की कोशिश के बावजूद प्रशासन ने अब तक पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
- सुरक्षा में चूक: कॉलेज परिसर में बाहरी तत्वों का प्रवेश और हथियारों का पहुंचना प्रशासन की विफलता है।
- अनुशासनहीनता: हिंसा में शामिल छात्रों पर अभी तक कोई दंडात्मक कार्रवाई या निष्कासन नहीं किया गया है।

”जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और कॉलेज प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। परिसर में छात्रों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
— पदाधिकारी, एबीवीपी (चम्बा इकाई)

वर्तमान स्थिति
प्रदर्शन और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस की मौजूदगी में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन छात्रों के बीच रोष बरकरार है। कॉलेज प्राचार्य की ओर से अभी इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान आना बाकी है।








