4 क्विंटल फूलों से महकी होली: नूरपुर के ऐतिहासिक मंदिर में बरसे रंग, गूंजे श्री कृष्ण के जयकारे”

नूरपुर : ( ऋषि महाजन) तिहासिक नगरी नूरपुर एक बार फिर श्री कृष्ण की भक्ति और होली के रंगों में सराबोर है। विश्व प्रसिद्ध श्री बृजराज स्वामी मंदिर में दो दिवसीय होली महोत्सव का आगाज हो चुका है। इस वर्ष महोत्सव की भव्यता देखते ही बन रही है, जहां करीब चार क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से पूरा मंदिर परिसर महक उठा है।

फूलों की होली और सांस्कृतिक छटा
महोत्सव का शुभारंभ 2 मार्च को पारंपरिक ‘फूलों की होली’ के साथ हुआ।
- भव्य झांकियां: दोपहर 2 से 3 बजे तक निकाली गई भगवान की झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

- सांस्कृतिक संध्या: शाम को लोक गायक टीनू सिंह ने अपनी सुरीली आवाज से समां बांध दिया।
- छप्पन भोग: भगवान को अर्पित किए गए छप्पन भोग के साथ उत्सव की धार्मिक गरिमा और भी गहरी हो गई।

आगामी कार्यक्रम: 4 मार्च का आकर्षण
4 मार्च को उत्सव का उत्साह अपने चरम पर होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा कुछ इस प्रकार है:
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- गुलाल की होली: प्रातः 11:00 से दोपहर 1:00 बजे तक।
- विशेष प्रस्तुति: ‘वॉयस ऑफ पंजाब’ के विजेता गौरव कौंडल अपनी गायकी से रंग जमाएंगे।

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- समापन: शाम 5 से 7 बजे तक पुनः फूलों की होली खेली जाएगी, जिसके बाद भगवान श्री बृजराज स्वामी और माता मीराबाई की प्रतिमाओं का विशेष स्नान व भव्य श्रृंगार किया जाएगा।

विरासत का वैभव: चित्तौड़गढ़ से नूरपुर तक का सफर
मंदिर का इतिहास लगभग 400 साल पुराना (1619-1624 ईस्वी) है। मान्यता है कि राजा जगत सिंह इन प्रतिमाओं को चित्तौड़गढ़ से उपहार स्वरूप लाए थे। आज भी यहाँ की हवाओं में राजा जगत सिंह की श्रद्धा और मीराबाई की भक्ति महसूस की जा सकती है।








