जनसमस्याओं के समाधान में कोताही बर्दाश्त नहीं: प्रो. चंद्र कुमार
नूरपुर में उपमंडल स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक, लंबित विकास कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश

नूरपुर (ऋषि महाजन):कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि अधिकारी जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य ध्येय जनता को त्वरित न्याय दिलाना और विकास कार्यों का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है। प्रो. चंद्र कुमार सोमवार को संयुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित उपमंडल स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर पूर्व विधायक अजय महाजन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

विकास कार्यों की समीक्षा और समयसीमा
बैठक के दौरान मंत्री ने विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा:
- 31 मार्च की डेडलाइन: जिन विकास कार्यों का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, उनके लिए 31 मार्च से पहले बजट का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए।
- कार्ययोजना: सभी विभाग आगामी एक वर्ष का रोडमैप तैयार करें और त्रैमासिक आधार पर उसकी प्रगति की निगरानी करें।
- वन विभाग से समन्वय: वन विभाग की मंजूरी के कारण रुके हुए प्रोजेक्ट्स पर चिंता जताते हुए उन्होंने बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया ताकि बुनियादी ढांचे के काम न रुकें।

किसान कल्याण और ओपीएस पर चर्चा
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने वायदों को लेकर गंभीर है, जिसका सबसे बड़ा प्रमाण ‘ओल्ड पेंशन स्कीम’ (OPS) को लागू करना है। उन्होंने किसानों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य की जानकारी साझा की:

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उत्पाद |
निर्धारित मूल्य (प्रति किलो/लीटर) |
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गेहूं और जौ |
₹60 प्रति किलो |
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मक्की |
₹40 प्रति किलो |
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कच्ची हल्दी |
₹90 प्रति किलो |
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भैंस का दूध |
₹61 प्रति लीटर |
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गाय का दूध |
₹51 प्रति लीटर |
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ऑर्गेनिक गोबर खाद |
₹300 प्रति क्विंटल |
बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता
मंत्री ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, शुद्ध पेयजल और सड़कों के उचित रखरखाव को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम अरुण शर्मा सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी और शिकायत निवारण समिति के सरकारी व गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।








