पश्चिम एशिया के युद्ध के बादल: हिमाचल के 45 हजार परिवारों की बढ़ी धड़कनें

शिमला: ईरान-इस्राइल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के संकट ने देवभूमि हिमाचल प्रदेश के हजारों परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है। खाड़ी देशों में रोजगार के लिए गए हिमाचल के युवाओं की सुरक्षा को लेकर अब प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है।
सरकार का एक्शन प्लान: ‘स्पेशल फ्लाइट्स’ की तैयारी
हिमाचल प्रदेश के श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
- अधिकारी खाड़ी देशों में रह रहे युवाओं और उनके परिजनों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें।
- यदि स्थिति बिगड़ी, तो केंद्र सरकार के सहयोग से प्रवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए ‘स्पेशल फ्लाइट्स’ का इंतजाम किया जाएगा।
- राज्य सरकार युद्धग्रस्त क्षेत्रों से प्रवासियों को निकालने के लिए हर संभव कूटनीतिक और आर्थिक कदम उठाएगी।

ग्राउंड रिपोर्ट: खाड़ी देशों से आती खौफनाक आवाजें
विभिन्न देशों में फंसे हिमाचलियों ने जो आपबीती साझा की है, वह डराने वाली है:
|
देश |
प्रभावित व्यक्ति/क्षेत्र |
वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
|
बहरीन |
कपिल नेगी (सिरमौर) |
अमेरिकी सैन्य ठिकाने के पास मिसाइलें गिरने से दहशत का माहौल। |
|
कतर |
पंकज व रुचि (हमीरपुर) |
दोहा प्रशासन की सख्त हिदायत- “घरों के भीतर ही रहें।” |
|
दुबई/ओमान |
सतीश कुमार (ऊना) |
रात भर गूंजते इमरजेंसी सायरन और धमाकों की आवाजें। |
पर्यटन पर मार: कांगड़ा में फंसे विदेशी सैलानी

युद्ध का असर केवल बाहर फंसे भारतीयों पर ही नहीं, बल्कि हिमाचल आए विदेशी पर्यटकों पर भी पड़ा है।
-
- गगल एयरपोर्ट: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के अनिश्चित होने के कारण कई इस्राइली नागरिक कांगड़ा में ही फंस गए हैं।
- घरेलू उड़ानें: हालांकि दिल्ली और कांगड़ा के बीच हवाई सेवा फिलहाल सामान्य है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रूट पर अनिश्चितता बरकरार है।
परिजनों की पुकार: “सरकार तुरंत एक हेल्पलाइन नंबर जारी करे ताकि हम अपने बच्चों की पल-पल की खबर ले सकें और संकट की स्थिति में उन्हें सुरक्षित घर लाया जा सके।” — चिंतित परिजन, हिमाचल प्रदेश।








