नंबर प्लेट पर ‘गुमान’ और ‘चौधरी’ लिखा तो खैर नहीं: हिमाचल पुलिस ने कसी कमर

शिमला/मनाली: देवभूमि की वादियों में गाड़ी की नंबर प्लेट पर ‘धौंस’ जमाना अब भारी पड़ेगा। अगर आप अपनी गाड़ी पर ‘गुमान’, ‘चौधरी’, ‘प्रधान’ या किसी राजनीतिक दल का चिह्न लगाकर चल रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने ऐसे ‘शौकीन’ चालकों के खिलाफ सख्त मोर्चा खोल दिया है जो मोटर वाहन अधिनियम की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

मनाली के ‘गुमान’ ने बढ़ाई पुलिस की सख्ती
दरअसल, यह पूरी कार्रवाई पर्यटन नगरी मनाली से वायरल हुए एक वीडियो के बाद शुरू हुई है। एक पर्यटक ने अपनी गाड़ी की नंबर प्लेट पर पंजीकरण नंबर की जगह ‘गुमान’ लिखवा रखा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए न केवल भारी चालान काटा, बल्कि सोशल मीडिया पर रसूख दिखाने वाले उस चालक का सारा ‘गुमान’ भी उतार दिया। इस घटना का संज्ञान लेते हुए डीजीपी अशोक तिवारी ने पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रमुख नियम और सख्त दंड
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब सड़कों पर केवल हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) ही मान्य होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निम्नलिखित कार्रवाई की जाएगी:
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- आर्थिक दंड: नंबर प्लेट से छेड़छाड़ या डिजाइनर प्लेट होने पर न्यूनतम 1,000 रुपये का जुर्माना।
- वाहन ज़ब्ती: मामला गंभीर होने पर पुलिस को गाड़ी Impinge (कब्ज़े में लेने) के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।
- क्या है अवैध: प्लेट पर नाम, पद, जाति, स्टिकर या किसी भी राजनीतिक दल का सिंबल लगाना गैर-कानूनी है।
“नंबर प्लेट का उद्देश्य वाहन की पहचान सुनिश्चित करना है, न कि व्यक्तिगत पहचान का प्रचार करना। सभी पर्यटक और स्थानीय निवासी यातायात नियमों की गरिमा बनाए रखें।”
— अशोक तिवारी, डीजीपी, हिमाचल प्रदेश

नाकों पर होगी पैनी नज़र
ट्रैफिक पुलिस को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे प्रदेश के प्रवेश द्वारों और मुख्य पर्यटन स्थलों के नाकों पर वाहनों की बारीकी से जांच करें। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह स्थानीय हो या बाहर से आया पर्यटक।








