स्वास्थ्य सेवा की अनूठी पहल: अरणी विश्वविद्यालय ने टीबी मरीजों को बांटी पोषण किट

कुलाधिपति डॉ. विवेक सिंह ने कहा—दवा के साथ सही आहार है टीबी से जंग में अनिवार्य।
इंदौरा (हिमाचल प्रदेश) : समाज सेवा और जन-कल्याण की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, अरणी विश्वविद्यालय ने एक सराहनीय कदम उठाया है। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. विवेक सिंह ने इंदौरा स्थित सरकारी अस्पताल में क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित मरीजों को पोषण किट वितरित कीं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उपचाराधीन मरीजों के पोषण स्तर को सुदृढ़ करना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायता प्रदान करना है।
पोषण और उपचार का संगम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलाधिपति डॉ. विवेक सिंह ने कहा, “टीबी एक ऐसी बीमारी है जिससे लड़ने के लिए केवल दवाइयां पर्याप्त नहीं हैं; मरीज को उच्च गुणवत्ता वाले पोषण की भी सख्त आवश्यकता होती है। अरणी विश्वविद्यालय अपनी सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) को समझते हुए स्वास्थ्य जागरूकता के लिए सदैव तत्पर है।”

विश्वविद्यालय प्रबंधन की उपस्थिति
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:
- प्रो. (डॉ.) आर.के. पांडे (कुलपति)
- प्रो. (डॉ.) मनीष कुमार श्रीवास्तव (प्रो-कुलपति)
- डॉ. गुरविंदर सिंह (डीएसडब्ल्यू)
सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शैक्षणिक संस्थानों को समाज के वंचित और बीमार वर्ग की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।

स्थानीय प्रशासन और जनता ने की सराहना
अस्पताल के स्टाफ और स्थानीय निवासियों ने विश्वविद्यालय की इस पहल का स्वागत किया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इन पोषण किटों के माध्यम से मरीजों को प्रोटीन और विटामिन युक्त आहार मिलेगा, जो उनके उपचार की प्रक्रिया को तेज करेगा। कार्यक्रम के अंत में अस्पताल प्रशासन ने विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया।








