आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को सुदृढ़ करने के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दिया पंचकर्म प्रशिक्षण

चंबा: (जितेंद्र मेहरा) जिला मुख्यालय के समीप बालू स्थित जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में आयुष विभाग द्वारा पंचकर्म एवं पैरासर्जिकल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में दी जा रही पंचकर्म और पैरासर्जिकल सेवाओं को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला चंबा के विभिन्न उपमंडलों से आए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पंचकर्म एवं पैरासर्जिकल चिकित्सा पद्धतियों की बारीकियों से अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को सैद्धांतिक जानकारी देने के साथ-साथ व्यावहारिक (Practical) प्रशिक्षण भी प्रदान किया, ताकि वे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार कर सकें।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला आयुष अधिकारी डॉ. दिलीप शर्मा उपस्थित रहे, जबकि मंच का संचालन डॉ. कुलविंदर संधू द्वारा किया गया। प्रशिक्षण सत्र के मुख्य आकर्षण विशेषज्ञों के व्याख्यान रहे:
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- डॉ. दीपिका ठाकुर (प्रसूति एवं स्त्री रोग) ने महिलाओं से संबंधित उपचार पर जानकारी दी।
- डॉ. कुलविंदर संधू (बाल रोग) ने बच्चों के स्वास्थ्य और देखभाल पर सत्र लिया।
- डॉ. कृतिका ठाकुर (पंचकर्म विशेषज्ञ) ने वीडियो माध्यम से पंचकर्म की विभिन्न विधियों का विस्तृत प्रदर्शन किया।
“पंचकर्म चिकित्सा पद्धति न केवल शरीर की शुद्धि करती है, बल्कि रोगों की रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।” – विशेषज्ञ वक्ता

पैरासर्जिकल विधियों का प्रदर्शन
शिविर में केवल पंचकर्म ही नहीं, बल्कि पैरासर्जिकल उपचार विधियों जैसे अग्निकर्म और शलाका कर्म की भी विस्तृत जानकारी दी गई। इन प्राचीन विधियों के माध्यम से जटिल रोगों के उपचार में मिलने वाली सहायता के बारे में कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया।

इनकी रही उपस्थिति
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला चंबा के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इनमें श्रीमती नीलम कुमारी, श्रीमती बीना देवी, श्री रविंद्र कुमार, सुभाष कुमार, जगदीश चंद, रतन चंद, फकीरचंद, प्रकाश चंद, सुरेश चंद एवं बीना देवी मुख्य रूप से शामिल रहे। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।








