अरनी विश्वविद्यालय में भविष्य की सामग्रियों और ऊर्जा अनुसंधान पर व्याख्यान आयोजित

अरनी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी द्वारा हाल ही में ‘फ्यूचर्सिस्टिक मैटेरियल्स एंड इमर्जिंग एनर्जी रिसर्च’ विषय पर एक विशेष गेस्ट लेक्चर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के स्कूल ऑफ फिजिकल एंड मैटेरियल साइंसेज के प्रसिद्ध प्रोफेसर सुरिंदर पॉल थे।
नवाचार और शोध पर जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11:00 बजे हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति डॉ. विवेक सिंह ने दीप प्रज्वलित कर सत्र की शुरुआत की। डॉ. सिंह ने अपने संबोधन में शोधार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए नवाचारी अनुसंधान (Innovative Research) तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में शोध ही विकास की असली धुरी है।
ऊर्जा भंडारण और भविष्य की तकनीक
प्रोफेसर सुरिंदर पॉल ने “फ्यूचर्सिस्टिक मैटेरियल्स फॉर एनर्जी स्टोरेज एंड कनवर्जन डिवाइसेस” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने वैश्विक स्तर पर स्थायी ऊर्जा (Sustainable Energy) की बढ़ती मांग को रेखांकित करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की:
- सौर सेल (Solar Cells): अगली पीढ़ी की उन्नत सौर ऊर्जा तकनीक।
- हाइड्रोजन भंडारण: स्वच्छ ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का महत्व।
- बैटरी तकनीक: लिथियम-आयन बैटरी और ईंधन सेल (Fuel Cells) में उपयोग होने वाली आधुनिक सामग्रियां।

सम्मान और सहभागिता
इस सत्र में प्रो वाइस चांसलर, विभिन्न विभागों के डीन, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्यों सहित लगभग 150 पीएचडी विद्वानों और परास्नातक छात्रों ने भाग लिया। व्याख्यान के अंत में एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया, जहाँ छात्रों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

कार्यक्रम के समापन पर प्रो वाइस-चांसलर प्रो. मनीष श्रीवास्तव ने प्रोफेसर सुरिंदर पॉल को उनकी बहुमूल्य जानकारी के लिए आभार प्रकट करते हुए प्रशंसा पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।








