ईरान-अमेरिका तनाव: फारूक अब्दुल्ला ने जताई कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा पर चिंता, वापसी की अपील

नई दिल्ली/श्रीनगर: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के पदचापों ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। विशेष रूप से ईरान में शिक्षा ग्रहण कर रहे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा को लेकर नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
फारूक अब्दुल्ला का भावुक संदेश
फारूक अब्दुल्ला ने ईरान में रह रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे मौजूदा हालातों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा:
”सुरक्षा सर्वोपरि है। भारतीय दूतावास द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें और जो छात्र वहां से निकल सकते हैं, वे उपलब्ध कमर्शियल उड़ानों के जरिए तुरंत वतन लौट आएं।”

अब्दुल्ला ने परिवारों को संयम बरतने और छात्रों को सुरक्षित विकल्पों पर विचार करने की सलाह दी है।
भारतीय दूतावास की अहम एडवाइजरी
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बिगड़ते सुरक्षा समीकरणों को देखते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:
- स्वदेश वापसी: जिनका ईरान में रुकना अनिवार्य नहीं है, वे जल्द से जल्द भारत लौटने पर विचार करें।
- हवाई मार्ग की अनिश्चितता: आशंका है कि तनाव बढ़ने पर एयरस्पेस (वायु क्षेत्र) बंद हो सकता है, जिससे निकासी प्रक्रिया जटिल हो जाएगी।
- संपर्क में रहें: दूतावास ने सभी भारतीयों को आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और वेबसाइट पर नजर रखने को कहा है।
छात्रों के लिए विशेषज्ञ सलाह
ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र MBBS और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज की पढ़ाई कर रहे हैं। विशेषज्ञों और दूतावास ने छात्रों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा है:
- भीड़भाड़ से दूरी: प्रदर्शनों या सार्वजनिक समारोहों वाले इलाकों में जाने से बचें।
- दस्तावेजों की सुरक्षा: पासपोर्ट, वीजा और शैक्षणिक दस्तावेजों की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी हमेशा साथ रखें।
- हेल्पलाइन नंबर: आपात स्थिति के लिए भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबरों को तुरंत सेव करें।
- संचार का विकल्प: इंटरनेट या संचार सेवाएं बाधित होने की स्थिति के लिए तैयार रहें।

भविष्य और पढ़ाई का संकट
हालांकि सरकार हालात पर पैनी नजर रखे हुए है, लेकिन छात्रों के मन में अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर सरकार अतिरिक्त कदम उठाएगी।








