चंबा: आदमखोर तेंदुए का तांडव, एक साथ 22 भेड़-बकरियों को उतारा मौत के घाट

भटियात (सिहुंता):हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला चंबा जिले के भटियात उपमंडल की ग्राम पंचायत ककरोटी के गौरता गांव से सामने आया है, जहां एक खूंखार तेंदुए ने भारी तबाही मचाते हुए एक पशुपालक की 22 भेड़-बकरियों को मार डाला। इस हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और पीड़ित परिवार को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
जंगल में चरने गई थीं भेड़-बकरियां
मिली जानकारी के अनुसार, गौरता निवासी उद्यम सिंह ने अपनी भेड़-बकरियों को घर के पास स्थित जंगल में चरने के लिए छोड़ा था। शाम के समय जब मवेशी वापस घर नहीं लौटे, तो चिंतित उद्यम सिंह उन्हें तलाशने जंगल की ओर गए। वहां का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। तेंदुए ने बेरहमी से 22 बेजुबान जानवरों को अपना शिकार बनाया था।

प्रशासनिक कार्रवाई और राहत की आस
घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को इसकी जानकारी दी।
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- पोस्टमार्टम: पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. कुलदीप सिंह ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया और मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया।
- राजस्व रिपोर्ट: नायब तहसीलदार सिहुंता ने हल्का पटवारी को मौके पर जाकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
- वन विभाग का आश्वासन: वनरक्षक लेखराज ने बताया कि विभाग जल्द ही नुकसान का पूर्ण जायजा लेगा और सरकारी मैनुअल के अनुसार पीड़ित परिवार को फौरी राहत राशि प्रदान की जाएगी।
ग्रामीणों की मांग: स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस हमले ने गरीब पशुपालक की आजीविका पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए और तेंदुए को पकड़ने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
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- स्थान: गौरता गांव, ग्राम पंचायत ककरोटी (भटियात)।
- नुकसान: 22 भेड़-बकरियों की मौत, लाखों का आर्थिक घाटा।
- वर्तमान स्थिति: क्षेत्र में दहशत, विभाग द्वारा रिपोर्ट तैयार








