24 फरवरी 2026: आज का दिन क्यों है खास? जानें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व

आज 24 फरवरी 2026 है। कैलेंडर का यह दिन भारत के आर्थिक इतिहास से लेकर विश्व की राजनीति और खगोलीय घटनाओं तक, कई मायनों में अपनी विशेष छाप रखता है। जहाँ भारत आज अपना ‘केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस’ मना रहा है, वहीं वैश्विक स्तर पर भी कई देशों के लिए आज का दिन उत्सव का प्रतीक है।
भारत के लिए महत्वपूर्ण: केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस
देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के लिए आज का दिन अत्यंत गौरवशाली है। 24 फरवरी 1944 को ‘केंद्रीय उत्पाद शुल्क और नमक अधिनियम’ लागू किया गया था। इसी की याद में हर साल आज का दिन ‘केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को उत्पाद शुल्क (Excise Duty) की महत्ता और देश के औद्योगिक विकास में इसके योगदान के प्रति जागरूक करना है।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व: होलाष्टक का आगाज़
भारत की सांस्कृतिक विरासत के अनुसार, आज से होलाष्टक की शुरुआत हो रही है। होली से ठीक आठ दिन पहले शुरू होने वाली इस अवधि को हिंदू धर्म में विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन आठ दिनों में ग्रहों का स्वभाव उग्र रहता है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे शुभ और मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। भक्त अब भक्ति भाव के साथ होली के रंगों के स्वागत की तैयारी करेंगे।
इतिहास के झरोखे से: बाबर और अम्मा का जन्म
आज के दिन इतिहास के दो बड़े नामों का जन्म हुआ था:
- मुगल साम्राज्य की नींव: साल 1483 में आज ही के दिन मुगल शासक बाबर का जन्म हुआ था।
- दक्षिण की ‘अम्मा’: तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय राजनीति की दिग्गज नेता जे. जयललिता का जन्म आज ही के दिन (1948) हुआ था। आज देशभर में उनके प्रशंसक उन्हें याद कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय हलचल
- एस्टोनिया का स्वतंत्रता दिवस: उत्तरी यूरोप का देश एस्टोनिया आज अपना राष्ट्रीय दिवस मना रहा है। 1918 में आज ही के दिन उन्होंने रूसी शासन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी।
- मेक्सिको का ध्वज दिवस: मेक्सिको में आज ‘फ्लैग डे’ मनाया जा रहा है, जो उनके राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान प्रकट करने का दिन है।

आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा
खगोल प्रेमियों के लिए आज की शाम खास होने वाली है। आज रात चंद्रमा और ‘सेवन सिस्टर्स’ (प्लेडियाड्स तारापुंज) एक-दूसरे के बेहद करीब नजर आएंगे। यदि आसमान साफ रहा, तो आप इस अलौकिक दृश्य को बिना किसी दूरबीन के भी देख पाएंगे।
संपादकीय टिप्पणी: 24 फरवरी हमें याद दिलाता है कि कैसे कर (Tax) प्रशासन किसी राष्ट्र का निर्माण करता है और कैसे हमारे उत्सव प्रकृति और इतिहास के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं।

आज का पंचांग: होलाष्टक का प्रारंभ और फाल्गुन मास की शुक्ल सप्तमी, जानें आज के शुभ मुहूर्त और राहुकाल
सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, जो हमें समय, तिथि और नक्षत्रों के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता का बोध कराता है। आज मंगलवार, 24 फरवरी 2026 है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के साथ आज का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज से होलाष्टक का प्रारंभ हो रहा है।
तिथि और नक्षत्र की स्थिति
पंचांग गणना के अनुसार, आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज का नक्षत्र ‘भरणी’ है, जो शाम तक व्याप्त रहेगा। भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं और इसके देवता यमराज माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज चंद्रमा मेष राशि में संचरण करेंगे, जबकि सूर्य देव कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे।
होलाष्टक का प्रारंभ: शुभ कार्यों पर विराम
आज से होलाष्टक की शुरुआत हो रही है। होली से ठीक आठ दिन पहले की इस अवधि को होलाष्टक कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन आठ दिनों में ग्रहों का स्वभाव काफी उग्र रहता है, जिसके कारण विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और नए व्यापार की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्यों को वर्जित माना गया है। यह समय केवल ईश्वर की भक्ति, मंत्र जाप और दान-पुण्य के लिए उत्तम होता है।
आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त
किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए ‘अभिजीत मुहूर्त’ को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 बजे से दोपहर 12:57 बजे तक रहेगा। वहीं, राहुकाल का समय दोपहर 03:26 बजे से शाम 04:52 बजे तक रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, राहुकाल के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण कार्य या लंबी यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
आज का योग और करण
आज ‘विष्कुंभ’ योग का प्रभाव रहेगा, जिसके बाद ‘प्रीति’ योग की शुरुआत होगी। करण की बात करें तो आज ‘गर’ और ‘वणिज’ करण का संयोग बन रहा है। मंगलवार का दिन होने के कारण आज हनुमान जी की पूजा का विशेष विधान है। आज सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करना विशेष फलदायी सिद्ध होगा।
आज का विशेष सुझाव
चूंकि आज से होलाष्टक शुरू हो रहा है, इसलिए आज भगवान विष्णु और अपने इष्ट देव की आराधना करें। होलाष्टक के दौरान किए गए दान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। आज लाल रंग के वस्त्र धारण करना और मसूर की दाल का दान करना मंगल दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकता है।








