DIG भुल्लर रिश्वत कांड: बिचौलिए की डायरी ने खोले राज, CBI ने दाखिल की पूरक रिपोर्ट

पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े रिश्वत मामले में सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत में एक महत्वपूर्ण पूरक अंतिम आदेश रिपोर्ट (Supplementary Final Order Report) पेश की गई है। इस रिपोर्ट में जांच एजेंसी ने बिचौलिए कृष्णू शारदा के घर से बरामद ‘क्रिमिनल डायरी’ और मोबाइल डेटा के विश्लेषण का पूरा ब्यौरा साझा किया है।
डायरी और चैट से बढ़ा था शक का घेरा
रिपोर्ट के मुताबिक, 16 अक्टूबर को हुई तलाशी के दौरान बिचौलिए कृष्णू के घर से एक डायरी जब्त की गई थी। इस डायरी और आरोपी के मोबाइल फोन से मिले डेटा और चैट्स ने जांच अधिकारियों के कान खड़े कर दिए थे। शुरुआती विश्लेषण में कुछ ऐसे सुराग मिले थे, जिनसे अन्य सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के साथ ‘गैर-कानूनी लेन-देन’ का गहरा संदेह पैदा हुआ था।

BNSS की धारा 193 (9) के तहत हुई जांच
संदिग्ध लेन-देन और इस नेटवर्क में शामिल अन्य संभावित चेहरों का पता लगाने के लिए सीबीआई ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 193 (9) के तहत आगे की जांच शुरू की। इस दौरान:
- जांच एजेंसी ने गवाहों की मौजूदगी में TAFSU के जरिए मोबाइल फोन का पूरा डेटा निकलवाया।
- मौखिक, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के साथ-साथ जब्त डायरी के हर पन्ने की बारीकी से जांच की गई।

फिलहाल दो ही मुख्य आरोपी, जांच अभी जारी
विस्तृत छानबीन के बाद सीबीआई ने अदालत को स्पष्ट किया है कि अभी तक इस विशिष्ट अपराध (रिश्वत की मांग और वसूली) से सीधे तौर पर संबंधित कोई नई आपराधिक सामग्री या सबूत रिकॉर्ड पर नहीं आया है। एजेंसी ने कहा कि फिलहाल किसी अन्य सरकारी या निजी व्यक्ति की इस मामले में संलिप्तता का प्रमाण नहीं मिला है।
“फिलहाल यह मामला दो मुख्य आरोपियों—एच.एस. भुल्लर और बिचौलिए कृष्णू शारदा—की भूमिका तक ही सीमित है। हालांकि, जांच अभी भी जारी है और यदि आवश्यकता पड़ी तो आगे भी पूछताछ की जा सकती है।”
— CBI रिपोर्ट का अंश








