स्वच्छ जल, स्वच्छ मन: निरंकारी मिशन ने ढक्की के प्राकृतिक स्रोतों को किया प्रदूषण मुक्त

नूरपुर: ( ऋषि महाजन) पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के पुनरुद्धार की दिशा में संत निरंकारी मिशन ने एक बार फिर अपनी सेवा भावना की मिसाल पेश की है। पूज्य माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन आदेशानुसार, राष्ट्रव्यापी अभियान “प्रोजेक्ट अमृत – स्वच्छ जल, स्वच्छ मन” के चौथे चरण के तहत नूरपुर शाखा द्वारा ढक्की स्थित ऐतिहासिक व प्राकृतिक जल स्रोतों पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया।
समर्पण और सेवा का संगम
अभियान की शुरुआत सुबह उत्साहपूर्ण माहौल में हुई, जिसमें संत निरंकारी भवन, नूरपुर के सेवा दल के स्वयंसेवकों और संगत के सदस्यों ने भाग लिया। सेवादारों ने ढक्की के जल स्रोत और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र की गहन सफाई की। इस दौरान:
- जल स्रोतों से भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा और जमा हुआ अपशिष्ट हटाया गया।
- स्रोतों के आसपास की झाड़ियों और गंदगी को साफ कर उसे स्वच्छ एवं सुंदर बनाया गया।
- स्वयंसेवकों ने पूर्ण अनुशासन के साथ श्रमदान कर समाज को स्वच्छता का संदेश दिया।

जन-जागरूकता पर जोर
इस अभियान का मूल उद्देश्य केवल भौतिक सफाई तक सीमित नहीं था। मिशन के प्रतिनिधियों ने स्थानीय निवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि “स्वच्छ जल” तभी संभव है जब हमारा “मन स्वच्छ” होगा। उन्होंने लोगों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और प्लास्टिक के कम उपयोग के लिए प्रेरित किया।
“हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए जल और पर्यावरण को बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रोजेक्ट अमृत इसी चेतना को जगाने का एक माध्यम है।” > — सेवा दल के वरिष्ठ सदस्य

क्षेत्रवासियों ने की सराहना
नूरपुर के स्थानीय लोगों ने मिशन के इस प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। सेवा दल की अपील पर ग्रामीणों ने भी यह संकल्प लिया कि वे इन प्राकृतिक धरोहरों को दूषित नहीं करेंगे और इनकी स्वच्छता का भविष्य में भी ध्यान रखेंगे।








