धोखाधड़ी मामला: फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

जोधपुर/नई दिल्ली: करोड़ों रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में फंसे मशहूर फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए दोनों को नियमित जमानत (Regular Bail) प्रदान कर दी है। इससे पहले इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद विक्रम भट्ट को जोधपुर जेल में समय बिताना पड़ा था।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला आईवीएफ (IVF) क्षेत्र के बड़े उद्यमी अजय मुर्डिया की दिवंगत पत्नी पर आधारित एक बायोपिक फिल्म से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के अनुसार:
- फिल्म प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ली गई थी।
- आरोप है कि वादे के मुताबिक न तो फिल्म का काम पूरा हुआ और न ही निवेशकों को लाभ मिला।
- दिसंबर में राजस्थान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कपल को गिरफ्तार किया था।

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान मामले को ‘दीवानी’ (Civil) प्रकृति का बताया। अदालत की मुख्य बातें:
- व्यावसायिक लेन-देन: कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला आपराधिक धोखाधड़ी के बजाय एक व्यावसायिक सौदे (Commercial Transaction) का विवाद अधिक लग रहा है।
- मध्यस्थता का सुझाव: कोर्ट ने सुझाव दिया कि लंबी आपराधिक कार्यवाही के बजाय दोनों पक्षों को सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र के जरिए बातचीत से विवाद सुलझाना चाहिए।
बचाव पक्ष की दलील
विक्रम भट्ट की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि:
- समझौता केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें कई अन्य प्रोजेक्ट्स भी शामिल थे।
- कुछ फिल्मों पर काम शुरू हो चुका था, इसलिए इसमें किसी भी तरह की आपराधिक मंशा या ‘इंटेंट’ नहीं थी।

अगले कदम: समाधान की उम्मीद
सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि दोनों पक्ष मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से समाधान तलाशेंगे। नियमित जमानत मिलने के बाद अब विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी कानूनी प्रक्रिया के बीच अपना पक्ष मजबूती से रख सकेंगे।








