पंजाब में डराने लगा ‘गैंगस्टर कल्चर’: अब फाजिल्का में 4 स्कूली छात्रों ने दुकानदार से मांगी 15 लाख की फिरौती

जालंधर/फाजिल्का: पंजाब में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति अब स्कूलों और कॉलेजों के क्लासरूम तक पहुंच गई है। बीते दिनों लॉ कॉलेज में हुई गोलीबारी की घटना के बाद अब फाजिल्का जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पुलिस ने एक मोबाइल दुकानदार से 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में 4 नाबालिग स्कूली छात्रों को गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
फाजिल्का के एस.एस.पी. गुरमीत सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 2 दिन पहले बहाववाला थाने के अंतर्गत आने वाले गांव अमरपुरा के निवासी राजिंदर कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। राजिंदर की अबोहर में मोबाइल की दुकान है।
- धमकी भरी कॉल: राजिंदर को एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें उससे 15 लाख रुपये की मांग की गई।
- परिवार को खतरा: आरोपियों ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो वे उसके परिवार को जान से मार देंगे।
24 घंटे में सुलझी गुत्थी, छात्र निकले आरोपी
पुलिस ने तकनीकी जांच और तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस मामले को सुलझा लिया। पकड़े गए चारों आरोपी नाबालिग स्कूल विद्यार्थी हैं।
”यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पकड़े गए आरोपी छात्र हैं। इनमें से तीन छात्र एक ही स्कूल में पढ़ते हैं। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल और सिम कार्ड बरामद कर लिया है।”
— गुरमीत सिंह, एस.एस.पी. फाजिल्का

चिंता का विषय: क्लासरूम तक पहुंचा ‘हथियार और अपराध’
पंजाब में पिछले कुछ दिनों की घटनाएं शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और विद्यार्थियों की मानसिकता पर बड़े सवाल खड़े करती हैं:
- लॉ कॉलेज कांड: कुछ दिन पहले ही एक छात्र ने क्लासरूम में छात्रा को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। सवाल अब भी बरकरार है कि एक छात्र के पास हथियार कहाँ से आया और वह उसे कॉलेज के अंदर ले जाने में कैसे सफल रहा?
- स्कूली बच्चों में अपराध: फाजिल्का की घटना ने यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया या गैंगस्टर कल्चर के प्रभाव में आकर अब स्कूली बच्चे भी फिरौती जैसे गंभीर अपराधों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय
मनोवैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि पंजाब में बढ़ता ‘गन कल्चर’ और वेब सीरीज का प्रभाव बच्चों को गलत रास्ते पर धकेल रहा है। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों की गतिविधियों पर पैनी नज़र रखने की ज़रूरत है।








