अरनी विश्वविद्यालय में ‘AI-संचालित साइबर खतरों’ पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन

इंदौरा/कांगड़ा : अरनी विश्वविद्यालय (Arni University) के परिसर में “AI-Powered Cyber Threats and Defenses” (AI-संचालित साइबर खतरे और सुरक्षा) विषय पर एक विशेष ‘एक्सपर्ट टॉक’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में टेकलाइव (Techlive) के आई.टी. हेड श्री नवनीत सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
तकनीक का दोहरा चेहरा: सुविधा और संकट
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मुख्य अतिथि के भव्य स्वागत के साथ हुई। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री नवनीत सिंह ने तकनीकी युग के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने जहाँ विकास की नई राहें खोली हैं, वहीं साइबर अपराधियों को भी अधिक शक्तिशाली बना दिया है। आज हैकर्स AI का उपयोग कर स्वचालित मैलवेयर, डीपफेक और उन्नत फिशिंग हमलों को अंजाम दे रहे हैं, जिन्हें पहचानना अब पहले से कहीं अधिक जटिल हो गया है।”

पारंपरिक सुरक्षा अब नाकाफी
श्री सिंह ने जोर देकर कहा कि साइबर हमलों के बदलते तरीकों को देखते हुए अब पुराने सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने AI आधारित सुरक्षा प्रणालियों की महत्ता बताते हुए कहा कि:
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग और व्यवहार विश्लेषण (Behavior Analysis) के जरिए खतरों की तुरंत पहचान संभव है।
- प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स भविष्य में होने वाले हमलों का पहले से अनुमान लगा सकती है।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
साइबर सुरक्षा की रणनीति पर चर्चा करते हुए उन्होंने बहु-स्तरीय सुरक्षा (Multi-layered Defense) अपनाने और सिस्टम को लगातार अपडेट रखने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि, “साइबर सुरक्षा केवल तकनीक का खेल नहीं है, बल्कि यह हमारी जागरूकता और सतर्कता पर भी निर्भर करती है।”

विद्यार्थियों के साथ संवाद
सत्र के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं और AI के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस सत्र को छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताते हुए मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया।








