आज 19 फरवरी 2026 का दिन भारत और विश्व के लिए कई महत्वपूर्ण कारणों से खास है। चाहे वह ऐतिहासिक विरासत हो, धार्मिक आस्था या आधुनिक तकनीक का संगम, आज का दिन इन सभी का एक अनूठा मेल है।

1. राष्ट्रीय दृष्टि से महत्व (भारत)
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (Shivaji Jayanti)
आज मराठा साम्राज्य के संस्थापक और महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्म जयंती है। 1630 में पुणे के शिवनेरी किले में जन्मे शिवाजी महाराज को उनके साहस, कुशल रणनीतियों और न्यायप्रिय शासन के लिए जाना जाता है।
- विशेष: महाराष्ट्र में आज सार्वजनिक अवकाश है और देशभर में उनकी वीरता को याद किया जा रहा है।
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit)
तकनीकी मोर्चे पर आज भारत एक बड़े वैश्विक मंच की मेजबानी कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ का उद्घाटन कर रहे हैं।
- खास: इस सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव भी शामिल हो रहे हैं, जो भारत की बढ़ती तकनीकी शक्ति और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के क्षेत्र में इसके नेतृत्व को दर्शाता है।
धार्मिक उत्सव: फुलेरा दूज (Phulera Dooj)
हिंदू पंचांग के अनुसार आज फुलेरा दूज का त्यौहार मनाया जा रहा है। इसे मथुरा और वृंदावन में विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के फूलों के उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
- मान्यता: इस दिन को “अबूझ मुहूर्त” माना जाता है, यानी किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।
2. अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से महत्व
विश्व मानव विज्ञान दिवस (World Anthropology Day)
हर साल फरवरी के तीसरे गुरुवार को यह दिन मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मानव व्यवहार, संस्कृति और जैविक उत्पत्ति के अध्ययन (Anthropology) के प्रति जागरूकता फैलाना है।
अंतरराष्ट्रीय रस्साकशी दिवस (International Tug of War Day)
आज खेल की दुनिया में रस्साकशी (Tug of War) के प्रति समर्पण का दिन है, जो टीम वर्क और शारीरिक शक्ति का प्रतीक है।
3. इतिहास के झरोखे से (19 फरवरी)
इतिहास में आज की तारीख इन महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए भी दर्ज है:
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- 1473: महान खगोलशास्त्री निकोलस कोपरनिकस का जन्म हुआ, जिन्होंने बताया था कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है।
- 1915: महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक गोपाल कृष्ण गोखले का निधन हुआ।
- 1986: सोवियत संघ द्वारा ‘मीर’ (Mir) अंतरिक्ष स्टेशन का प्रक्षेपण किया गया।
एक रोचक तथ्य: आज “नेशनल चॉकलेट मिंट डे” भी है, तो आप इस अनोखे स्वाद के साथ अपने दिन का आनंद ले सकते हैं!

19 फरवरी 2026: आज का धार्मिक पंचांग और नक्षत्र गणना
नई दिल्ली/वाराणसी। भारतीय काल गणना के अनुसार आज 19 फरवरी 2026 का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ और ऊर्जावान है। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि और गुरुवार का संयोग होने के कारण आज का दिन नारायण और लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए विशेष माना जा रहा है।
आज के पंचांग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी ‘पूर्वाभाद्रपद’ नक्षत्र है, जो जातक के जीवन में अनुशासन और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक है।
नक्षत्र की स्थिति और प्रभाव
आज पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र व्याप्त है। ज्योतिष शास्त्र में इसे 27 नक्षत्रों में से 25वां स्थान प्राप्त है। इसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) हैं, जबकि इसकी राशि कुंभ है, जिसके स्वामी शनिदेव हैं।
इस नक्षत्र के प्रभाव से आज के दिन किए गए कार्यों में बौद्धिक स्पष्टता और दूरदर्शिता रहती है। यह नक्षत्र ‘आकाश मंडल’ में दो तारों के रूप में दिखाई देता है, जिसे ‘जुड़वां’ या ‘मंच’ का स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस नक्षत्र में दान-पुण्य करने से संचित पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त होती है।
साध्य और शुभ योग का संगम
आज के दिन ‘साध्य योग’ बन रहा है। पंचांग के अनुसार, साध्य योग में शुरू किए गए कार्यों में सफलता की संभावना शत-प्रतिशत रहती है। यदि आप कोई नया कौशल सीखना चाहते हैं या किसी कठिन कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह समय सर्वोत्तम है। इसके साथ ही, आज ‘फुलेरा दूज’ का पावन पर्व भी है, जिसे ‘अबूझ मुहूर्त’ कहा जाता है। यानी आज किसी भी मांगलिक कार्य के लिए विशेष मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं है।
ग्रहों की स्थिति और विशेष फल
- चंद्रमा का गोचर: आज चंद्रमा कुंभ राशि में संचरण कर रहे हैं, जो जातकों में परोपकार और समाज कल्याण की भावना को प्रबल करेगा।
- शुभ मुहूर्त (अभिजीत मुहूर्त): दोपहर 12:13 से 12:58 तक का समय किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ है।
- राहुकाल: दोपहर 01:59 से 03:24 तक रहेगा। इस अवधि में महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णयों या नए अनुबंधों से बचने की सलाह दी जाती है।

आज का धार्मिक महत्व
आज गुरुवार का दिन है और नक्षत्र स्वामी भी बृहस्पति हैं। ऐसे में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन विशेष फलदायी है। आज के दिन पीले वस्त्र धारण करना, चने की दाल का दान करना और केसर का तिलक लगाना भाग्योदय कारक सिद्ध होगा। साथ ही, फाल्गुन द्वितीया होने के कारण श्री कृष्ण को गुलाल और फूल अर्पित करने से पारिवारिक जीवन में प्रेम और माधुर्य बना रहता है।








