नेटफ्लिक्स की ‘कोहरा 2’ में पूजा भामर्रा का धमाका: प्रीत बाजवा बनकर तोड़ी पितृसत्ता की बेड़ियां

मुंबई: ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स की बहुचर्चित सीरीज ‘कोहरा 2’ इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इस सीजन में अभिनेत्री पूजा भामर्रा अपने करियर के सबसे दमदार और भावनात्मक अवतार में नजर आ रही हैं। प्रीत बाजवा का उनका किरदार एक ऐसी महिला की कहानी बयां करता है, जो वर्षों तक पितृसत्ता, चुप्पी और त्याग के बोझ तले दबी रही, लेकिन अंततः खुद को चुनने का साहस दिखाती है।
एक औरत की खामोशी से खुद की पहचान तक का सफर
कहानी एक ऐसे पंजाबी परिवार की है जहां पुरुषों का दबदबा सर्वोपरि है। प्रीत ने सालों तक एक आदर्श बेटी, बहन, पत्नी और मां की भूमिका निभाई, लेकिन बदले में उसे सिर्फ समझौता और धोखा मिला। जब परिवार के गहरे राज और अपनों का असली चेहरा सामने आया, तो प्रीत ने चुप्पी तोड़ने का फैसला किया।
”प्रीत बाजवा की कहानी गुस्से की नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान की है। वह अब इस बात से बेखौफ है कि दुनिया, समाज या उसका परिवार क्या सोचेगा।”

किरदार के लिए की कड़ी मेहनत
पूजा भामर्रा के लिए प्रीत का सफर पर्दे पर उतारना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि इस जटिल किरदार को समझने के लिए निर्देशक सुदीप शर्मा और फैसल के साथ लंबी चर्चाएं हुईं। साथ ही, अभिनय शिक्षक नितिन गोयल के मार्गदर्शन में उन्होंने और सह-कलाकार रणविजय ने पात्रों के बीच के तनाव और भावनाओं को बारीकी से समझा।
अभिनय के खास पहलू:
- भावनात्मक गहराई: प्रीत का किरदार निभाने के दौरान पूजा ने थका देने वाले भावनात्मक दृश्यों को बखूबी जिया।
- रिश्तों का तनाव: रणविजय के साथ उनके ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और पति-पत्नी के बीच की कड़वाहट को असलियत के करीब रखा गया है।
- साहस का संदेश: यह सीरीज सिर्फ एक क्राइम थ्रिलर नहीं, बल्कि एक महिला के सशक्तिकरण की गूंज है।

क्यों देखें ‘कोहरा 2’?
पूजा भामर्रा का अभिनय इस सीरीज की जान है। वह दिखाती हैं कि कैसे एक साधारण महिला अपने अस्तित्व को बचाने के लिए असाधारण फैसले लेती है। यदि आप मानवीय भावनाओं और सामाजिक बेड़ियों को टूटते हुए देखना चाहते हैं, तो ‘कोहरा 2’ एक बेहतरीन विकल्प है। प्रीत बाजवा की यह सच्ची और भावुक कहानी दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ रही है।








