17 फरवरी 2026: खगोलीय अद्भुत घटना ‘रिंग ऑफ फायर’ और धार्मिक आस्था का महासंगम

आज 17 फरवरी 2026 का दिन कैलेंडर के पन्नों में ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान और अध्यात्म की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। एक तरफ जहां दुनिया साल के पहले सूर्य ग्रहण की साक्षी बन रही है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘मानवीय संवेदनाओं’ और ‘धार्मिक आस्था’ के कई रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दृष्टि: ‘रिंग ऑफ फायर’ और मानवता का संदेश
1. साल का पहला सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse):
वैज्ञानिक दृष्टि से आज की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटना वलयाकार सूर्य ग्रहण है। इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ (आग का छल्ला) कहा जा रहा है। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण दोपहर 03:26 बजे शुरू होकर रात 07:57 बजे समाप्त होगा। हालांकि, यह भारत में दृश्यमान नहीं है, लेकिन वैज्ञानिक जगत में इसे लेकर भारी उत्सुकता है। अंटार्कटिका और दक्षिण अफ्रीका के कुछ हिस्सों में चंद्रमा, सूर्य के ठीक बीच में आकर एक चमकदार अंगूठी जैसी आकृति बना रहा है।
2. रैंडम एक्ट्स ऑफ काइंडनेस डे (Random Acts of Kindness Day):
आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘अकारण दयालुता दिवस’ मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करने और समाज में मुस्कुराहट बिखेरने के लिए प्रेरित करना है।
3. ग्लोबल टूरिज्म रेजिलिएंस डे (Global Tourism Resilience Day):
संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह दिन वैश्विक पर्यटन को आपदाओं के बाद फिर से खड़ा करने और उसे टिकाऊ बनाने के संकल्प का प्रतीक है।
4. राष्ट्रीय घटनाक्रम (ताज महोत्सव का आगाज):
भारत में आज से उत्तर प्रदेश के आगरा में विश्व प्रसिद्ध ‘ताज महोत्सव’ की शुरुआत हो रही है। यह 10 दिवसीय उत्सव भारतीय कला, शिल्प और संस्कृति का संगम है, जो 27 फरवरी तक चलेगा।

आज का पंचांग: फाल्गुन अमावस्या और देव कार्य के लिए विशेष योग
भारतीय ज्योतिष परंपरा के अनुसार, पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय का सटीक आकलन करते हैं। आज मंगलवार, 17 फरवरी 2026 है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। मंगलवार को पड़ने वाली अमावस्या को ‘भौमवती अमावस्या’ के नाम से भी जाना जाता है, जो पितृ तर्पण और मंगल दोष की शांति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
ग्रह-नक्षत्र की स्थिति
आज सूर्य कुंभ राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा भी कुंभ राशि में ही संचरण करेंगे। नक्षत्रों की बात करें तो आज ‘धनिष्ठा’ नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं, जो आज के दिन को ऊर्जा और साहस से भर देते हैं। इसके पश्चात ‘शतभिषा’ नक्षत्र का आगमन होगा।
- विक्रम संवत: 2082 (नल)
- शक संवत: 1947 (क्रोधन)
- अयन: उत्तरायण
- ऋतु: शिशिर
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए अभिजीत मुहूर्त को सबसे उत्तम माना जाता है। आज के शुभ समय इस प्रकार हैं:
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 से दोपहर 12:58 तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:28 से दोपहर 03:13 तक।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:10 से शाम 06:35 तक।
- अमृत काल: रात्रि 10:15 से 11:50 तक।

वर्जित समय (अशुभ मुहूर्त)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल में महत्वपूर्ण कार्यों को टालना चाहिए क्योंकि इस समय में किए गए कार्यों में विघ्न आने की संभावना रहती है।
- राहुकाल: दोपहर 03:24 से शाम 04:48 तक।
- यमगण्ड: सुबह 09:47 से सुबह 11:11 तक।
- गुलिक काल: दोपहर 12:35 से दोपहर 02:00 तक।
आज का विशेष महत्व
आज फाल्गुन अमावस्या है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है। चूंकि आज मंगलवार है, इसलिए हनुमान जी की पूजा करना और सुंदरकांड का पाठ करना मंगल दोष से मुक्ति दिलाता है। पितरों की आत्मा की शांति के लिए आज दीपदान और तर्पण करना शुभ रहेगा।








