एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन से उड़ान भरेगा कांगड़ा; 4.3 KM का सफर तय करेंगे रोमांच के शौकीन

देवभूमि हिमाचल का कांगड़ा जिला जल्द ही वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के ‘कांगड़ा को पर्यटन राजधानी’ बनाने के विजन के तहत, धर्मशाला की खूबसूरत नड्डी पहाड़ियों में एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन बिछाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
धौलाधार की गोद में 4.3 किलोमीटर का ‘मैजिकल’ सफर
यह कोई साधारण राइड नहीं, बल्कि बादलों के बीच धौलाधार की ऊंची चोटियों को निहारने का एक जादुई अनुभव होगा। 7.41 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 4.3 किलोमीटर होगी, जो इसे पूरे एशिया महाद्वीप में सबसे अनूठा और लंबा रोमांचक ट्रैक बनाएगी।

चार स्टेशनों से गुजरेगा रोमांच का कारवां
सैलानियों की सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए इस जिपलाइन रूट पर चार मुख्य स्टेशन बनाए जाएंगे:
- शुरुआत: गल्लू से (प्रस्थान बिंदु)
- दूसरा पड़ाव: बल गांव
- तीसरा पड़ाव: नड्डी व्यू प्वाइंट
- समापन: मैगी प्वाइंट (खड्ड के पास)
प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी योजना को अगले 3 साल (36 महीने) के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?
- बर्ड्स-आई व्यू: नड्डी आने वाले पर्यटकों को अब केवल पहाड़ देखने को नहीं मिलेंगे, बल्कि वे आसमान से हिमालय का विहंगम नजारा देख सकेंगे।
- रोजगार के नए अवसर: इस प्रोजेक्ट से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, ऑपरेटर और सर्विस सेक्टर में सैकड़ों नौकरियां पैदा होंगी।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास: जिपलाइन के साथ-साथ आसपास की सड़कों और पर्यटक सुविधाओं का भी कायाकल्प किया जाएगा।

मुख्यमंत्री का संकल्प: ‘टूरिज्म कैपिटल’ कांगड़ा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अनुसार, हिमाचल सरकार कांगड़ा को साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह जिपलाइन न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिमाचल की पहचान को और मजबूत करेगी।
“यह प्रोजेक्ट कांगड़ा के पर्यटन क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। हम न केवल रोमांच दे रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भविष्य के नए द्वार भी खोल रहे हैं।”
— प्रशासनिक सूत्र








