आज 15 फरवरी 2026 का दिन कैलेंडर के पन्नों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि के रूप में दर्ज है। एक ओर जहाँ भारत ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ महाशिवरात्रि मना रहा है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आज कई महत्वपूर्ण आयोजन और ऐतिहासिक स्मृतियां जुड़ी हैं।

🌍 अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
आज का दिन वैश्विक स्तर पर दर्शन और मानवता के लिए खास है:
- अंतरराष्ट्रीय दर्शन एवं आध्यात्मिक परंपरा सम्मेलन: आज कोलकाता और जयपुर जैसे शहरों में ‘धार्मिक दर्शन और आध्यात्मिक परंपराओं’ पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें दुनिया भर के विद्वान नैतिक मूल्यों और वैश्विक शांति पर चर्चा कर रहे हैं।
- लुई-नगाई-नी (Lui-Ngai-Ni): राष्ट्रीय स्तर पर, आज मणिपुर और नागा बहुल क्षेत्रों में बीज बोने का उत्सव ‘लुई-नगाई-नी’ मनाया जा रहा है। यह उत्सव उत्तर-पूर्वी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कृषि प्रधान परंपरा का प्रतीक है।
- ऐतिहासिक संदर्भ: इतिहास के झरोखे से देखें तो 15 फरवरी की तारीख भारत के अंतरिक्ष अभियान और वैश्विक राजनीति के लिए भी याद की जाती है। इसी दिन इसरो (ISRO) ने एक साथ 104 उपग्रह प्रक्षेपित कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
🔱 धार्मिक दृष्टि: शिव-शक्ति के मिलन की महानिशा (महाशिवरात्रि)
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन वर्ष 2026 के सबसे बड़े त्यौहारों में से एक है। 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है।
- मान्यता: माना जाता है कि आज ही के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। साथ ही, आज की रात ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रवाह इस प्रकार होता है कि यह साधकों के लिए आध्यात्मिक उन्नति का द्वार खोलती है।
- विशेष संयोग: इस वर्ष महाशिवरात्रि रविवार के दिन होने से ‘सूर्य-शिव’ का अद्भुत संयोग बन रहा है, जो आरोग्य और आत्मविश्वास की प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

दैनिक पंचांग विशेष: महाशिवरात्रि पर्व और आज की ग्रह गणना
आज भारतीय काल गणना के अनुसार विक्रम संवत 2082 (पिङ्गल संवत्सर) और शक संवत 1947 (क्रोधन संवत्सर) चल रहा है। वर्तमान में फाल्गुन मास का कृष्ण पक्ष व्याप्त है। आज त्रयोदशी तिथि शाम 05:05 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात चतुर्दशी तिथि का आगमन होगा। धार्मिक दृष्टि से आज ही महाशिवरात्रि का पावन व्रत और उत्सव मनाया जा रहा है।
नक्षत्र और योग
आज आकाश मंडल में उत्तराषाढ़ा नक्षत्र शाम 07:48 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग की बात करें तो व्यतीपात योग रात्रि 02:47 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात वरीयान योग की शुरुआत होगी। आज चंद्रमा पूरे दिन और रात मकर राशि में गोचर करेंगे, जो कि कर्म प्रधान राशि मानी जाती है।
सूर्योदय और सूर्यास्त
आज सूर्योदय प्रातः 07:00 बजे हुआ है और सूर्यास्त सायं 06:11 बजे होगा। चंद्रोदय अगले दिन की सुबह (16 फरवरी) 05:32 बजे होगा, जबकि चंद्रास्त आज दोपहर 04:02 बजे होगा।
शुभ मुहूर्त (अमृत काल)
आज के दिन शुभ कार्यों के लिए ‘अभिजीत मुहूर्त’ दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक रहेगा। महाशिवरात्रि की विशेष पूजा के लिए ‘निशिता काल’ का समय मध्यरात्रि 12:09 बजे से 01:01 बजे तक (16 फरवरी की रात) रहेगा। इसके अतिरिक्त, आज सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07:00 बजे से शाम 07:48 बजे तक बना हुआ है, जो खरीदारी और नए अनुबंधों के लिए अत्यंत फलदायी है।

वर्जित समय (राहुकाल)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्यों का आरंभ वर्जित माना जाता है। आज राहुकाल सायं 04:47 बजे से शुरू होकर 06:11 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी नए और महत्वपूर्ण कार्य को करने से बचना चाहिए।
आज का विशेष महत्व
आज फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी होने के कारण शिव-पार्वती के विवाह का उत्सव है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी ‘सूर्य’ और श्रवण के स्वामी ‘चंद्र’ होने के कारण आज का दिन आत्मा और मन के संतुलन के लिए श्रेष्ठ है। भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं।








