चम्बा में अब ऑस्ट्रेलिया की ‘मैरिनो’ भेड़ें रचेंगी इतिहास: तैयार होगी विश्वस्तरीय महीन ऊन

चम्बा: ( जितेंद्र मेहरा)जिला चम्बा के भनोता स्थित आधुनिक भेड़ प्रजनन केंद्र में अब विदेशी नस्ल की बहार आने वाली है। हाल ही में यहाँ ऑस्ट्रेलिया से लाई गई 52 उच्च गुणवत्ता वाली ‘मैरिनो’ नस्ल की भेड़ों को लाया गया है। इन भेड़ों के आने से चम्बा जिले में विश्वस्तरीय, बेहद महीन और मुलायम ऊन के उत्पादन की राह प्रशस्त हो गई है।

20 नर और 32 मादा भेड़ें केंद्र में शामिल
भनोता के नव-निर्मित केंद्र में लाई गई इन 52 भेड़ों में 20 नर (मेल) और 32 मादा (फीमेल) शामिल हैं। ये भेड़ें मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया से मंगवाई गई थीं, जिन्हें पहले मंडी जिले के नगवाई स्थित रैम सेंटर में रखा गया था। वहाँ प्रजनन प्रक्रिया के बाद अब इन्हें चम्बा लाया गया है।
कृत्रिम गर्भाधान से बढ़ेगी संख्या
पशुपालन विभाग ने भनोता केंद्र में कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) तकनीक के माध्यम से इन विशेष भेड़ों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके माध्यम से यहाँ की स्थानीय जलवायु के अनुकूल नई नस्ल तैयार की जाएगी।

स्थानीय पशुपालकों को होगा सीधा लाभ
पशुपालन विभाग की सहायक निदेशक पूनम ठाकुर ने बताया कि मैरिनो भेड़ अपनी बेहद नरम और महीन ऊन के लिए दुनिया भर में मशहूर है। उन्होंने कहा, “एक भेड़ से औसतन 3 से 4 किलोग्राम से लेकर 17-18 किलोग्राम तक ऊन प्राप्त होती है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत ऊँची कीमत मिलती है।”

भविष्य में इस केंद्र में तैयार होने वाले उन्नत नस्ल के मेमनों को स्थानीय पशुपालकों और किसानों को रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

भनोता केंद्र में अत्याधुनिक सुविधाएँ
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 3 अगस्त 2025 को भनोता में 100 बीघा भूमि पर विकसित इस अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन किया था। 500 भेड़ों की क्षमता वाले इस केंद्र को सरोल से यहाँ स्थानांतरित किया गया है, जहाँ इन्हें विश्वस्तरीय वातावरण और सुविधाएँ मिल रही हैं।








