लक्की ओबरॉय हत्याकांड: नौकर शिंगरी 4 दिन के रिमांड पर, खुलेगा साजिश का कच्चा चिट्ठा

जालंधर : चर्चित आप नेता लक्की ओबरॉय हत्याकांड की जांच में जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। अमृतसर पुलिस के साथ हुए एनकाउंटर में घायल हुए मृतक के पूर्व नौकर शमिंदर सिंह उर्फ शिंगरी को कल कोर्ट के आदेश पर 4 दिन के प्रोडक्शन वारंट पर जालंधर लाया गया। पुलिस को उम्मीद है कि शिंगरी से होने वाली पूछताछ हत्याकांड के पीछे छिपे ‘मास्टरमाइंड’ और अपराधियों के नेटवर्क को बेनकाब करेगी।
घरेलू नौकर नहीं, ‘इनसाइडर’ था शिंगरी
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि शिंगरी केवल एक साधारण नौकर नहीं था। वह लक्की ओबरॉय की दिनचर्या, उनकी सुरक्षा और उनके निजी संपर्कों से पूरी तरह वाकिफ था।
- रेकी और सूचना: शक है कि शिंगरी ने ही शूटरों को ओबरॉय की लोकेशन और गुरुद्वारा साहिब जाने के समय की सटीक जानकारी दी।
- संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड: पुलिस अब शिंगरी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है, जिससे वारदात से पहले और बाद में किए गए संदिग्ध संपर्कों का खुलासा हो सकेगा।

SIT करेगी आमने-सामने पूछताछ
जालंधर पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल केस के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। अगले 4 दिनों तक टीम शिंगरी से गहन पूछताछ करेगी। जांच का मुख्य केंद्र निम्नलिखित बिंदु होंगे:
-
- हत्या की साजिश में शामिल अन्य बड़े चेहरे।
- हथियारों की सप्लाई कहां से हुई?
- फरार आरोपियों (जोगराज सिंह उर्फ जोगा और दलबीरा) के ठिकाने।
“हम तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रहे हैं। इस हत्याकांड में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका होने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
— वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जालंधर कमिश्नरेट

शहर में गुस्सा, सुरक्षा पर सवाल
मॉडल टाउन जैसे पॉश इलाके में हुई इस वारदात के बाद व्यापारिक और सामाजिक संगठनों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि अगर सत्ताधारी दल के नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा। फिलहाल, पुलिस ने अमृतसर, लुधियाना और होशियारपुर समेत कई जिलों में छापेमारी तेज कर दी है।








