आज 13 फरवरी 2026, शुक्रवार का दिन भारत और विश्व के लिए एक साथ कई गौरवमयी और आध्यात्मिक अवसरों को समेटे हुए है। आज हम न केवल ‘भारत कोकिला’ सरोजिनी नायडू की जयंती मना रहे हैं, बल्कि रेडियो के उस जादू को भी सलाम कर रहे हैं जिसने दुनिया को जोड़ा है।

राष्ट्रीय महत्व: सरोजिनी नायडू जयंती (राष्ट्रीय महिला दिवस)
भारत के लिए आज का दिन स्त्री-शक्ति के सम्मान का प्रतीक है। आज स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर कवयित्री सरोजिनी नायडू की 147वीं जयंती है।
- राष्ट्रीय महिला दिवस: उनकी याद में भारत हर साल 13 फरवरी को ‘राष्ट्रीय महिला दिवस’ के रूप में मनाता है।
- भारत कोकिला: अपनी मधुर कविताओं के कारण उन्हें ‘नाइटिंगेल ऑफ इंडिया’ कहा जाता है।
- ऐतिहासिक योगदान: वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष और देश की पहली महिला राज्यपाल (उत्तर प्रदेश) थीं।
अंतरराष्ट्रीय महत्व: विश्व रेडियो दिवस (World Radio Day)
वैश्विक स्तर पर आज का दिन संचार के सबसे पुराने और विश्वसनीय माध्यम ‘रेडियो’ को समर्पित है।
- थीम 2026: इस वर्ष की थीम “रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: एआई एक उपकरण है, आवाज नहीं” (Radio and Artificial Intelligence: AI is a tool, not a voice) है।
- उद्देश्य: यह दिन सूचना प्रसार में रेडियो की भूमिका और आपदा के समय इसके महत्व को रेखांकित करता है। यूनेस्को ने 2011 में इसकी शुरुआत की थी।

धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व: विजया एकादशी और कुंभ संक्रांति
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन बेहद शुभ और ‘महासंयोग’ वाला माना जा रहा है।
- विजया एकादशी: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को ‘विजया एकादशी’ कहा जाता है। मान्यता है कि इसी व्रत के प्रभाव से भगवान श्रीराम ने लंका पर विजय प्राप्त की थी। यह व्रत शत्रुओं पर विजय और कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है।
- कुंभ संक्रांति: आज ही के दिन सूर्य देव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इसे कुंभ संक्रांति कहा जाता है, जिसमें दान-पुण्य और पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है।

आज का पंचांग (13 फरवरी 2026)
शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 का पंचांग ग्रहों की स्थिति और समय की गणना के आधार पर बेहद विशेष है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे शास्त्रों में ‘विजया एकादशी’ के नाम से जाना जाता है।
यहाँ आज के पंचांग की विस्तृत और सूक्ष्म जानकारी दी गई है:
तिथि और नक्षत्र का विवरण
आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। यह तिथि दोपहर 02:25 तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आगमन हो जाएगा। आज का नक्षत्र ‘मूल’ है जो शाम 04:12 तक प्रभावी रहेगा, इसके पश्चात ‘पूर्वाषाढ़ा’ नक्षत्र प्रारंभ होगा। मूल नक्षत्र के स्वामी केतु हैं, जबकि पूर्वाषाढ़ा के स्वामी शुक्र देव हैं।
योग और करण
आज ‘वज्र’ योग बन रहा है जो देर रात 03:23 तक रहेगा, उसके बाद ‘सिद्धि’ योग की शुरुआत होगी। करण की बात करें तो सुबह 02:25 तक ‘बव’ करण रहेगा, जिसके बाद ‘बालव’ करण प्रभावी होगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
खगोलीय गणना के अनुसार, आज चंद्रमा पूरे दिन धनु राशि में संचरण करेंगे। वहीं, आज ‘कुंभ संक्रांति’ भी है, जिसका अर्थ है कि सूर्य देव आज सुबह मकर राशि से निकलकर अपने पुत्र शनि की राशि कुंभ में प्रवेश कर चुके हैं।
शुभ समय (महत्वपूर्ण मुहूर्त)
किसी भी मांगलिक कार्य या नई शुरुआत के लिए शुभ समय का विचार करना आवश्यक है:
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 से दोपहर 12:57 तक। (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है)
- अमृत काल: सुबह 10:14 से दोपहर 11:53 तक।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:18 से सुबह 06:10 तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 से दोपहर 03:11 तक।
अशुभ समय (वर्जित काल)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल और अन्य अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों को टालना बेहतर होता है:
- राहुकाल: सुबह 11:12 से दोपहर 12:35 तक। (इस दौरान शुभ कार्य वर्जित हैं)
- यमगण्ड: दोपहर 03:23 से शाम 04:47 तक।
- गुलिक काल: सुबह 08:25 से सुबह 09:48 तक।
- दुर्मुहूर्त: सुबह 09:14 से सुबह 09:58 तक और फिर दोपहर 12:57 से 01:42 तक।
आज का विशेष धार्मिक महत्व
आज का दिन विजया एकादशी होने के कारण भगवान विष्णु की आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ है। मान्यता है कि जो व्यक्ति आज व्रत रखता है, उसे हर कठिन परिस्थिति में विजय प्राप्त होती है। साथ ही, कुंभ संक्रांति होने के कारण आज पवित्र नदियों में स्नान और तिल-गुड़ के दान का अनंत पुण्य फल प्राप्त होगा।
चूँकि आज शुक्रवार है और एकादशी भी, इसलिए महालक्ष्मी और भगवान नारायण की संयुक्त पूजा सुख-समृद्धि के द्वार खोल सकती है।








