12 फरवरी 2026 – ज्ञान, विज्ञान और श्रद्धा का अद्भुत संगम

आज 12 फरवरी 2026 का दिन कैलेंडर के पन्नों पर एक खास चमक लेकर आया है। आज का दिन जहाँ वैश्विक स्तर पर महान वैज्ञानिकों और नेताओं को याद करने का है, वहीं भारतीय राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में यह ज्ञान और उत्पादकता को समर्पित है। धार्मिक दृष्टि से भी आज का पंचांग विशेष संयोग बना रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज का दिन क्यों खास है।
1. अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय महत्व (International & National Significance)
आज का दिन दुनिया भर में और भारत में कई प्रमुख दिवसों के रूप में मनाया जा रहा है:
- डार्विन दिवस (Darwin Day): आज महान जीव विज्ञानी चार्ल्स डार्विन की जयंती है। यह दिन उनके विकासवाद के सिद्धांत और विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है।
- अब्राहम लिंकन जयंती: अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का जन्म आज ही के दिन हुआ था। लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए उनके संघर्ष को आज विश्व याद कर रहा है।
- राष्ट्रीय उत्पादकता दिवस (National Productivity Day): भारत में आज से ‘राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह’ की शुरुआत हो रही है। इसका उद्देश्य देश के सभी क्षेत्रों में उत्पादकता की संस्कृति को बढ़ावा देना और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।
- महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती: आर्य समाज के संस्थापक और महान समाज सुधारक महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती आज मनाई जा रही है। उन्होंने ‘वेदों की ओर लौटो’ का नारा देकर समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का मार्ग प्रशस्त किया था।
- हग डे (Hug Day): वेलेंटाइन वीक के छठे दिन के रूप में आज ‘हग डे’ मनाया जा रहा है, जो स्नेह और आपसी जुड़ाव का प्रतीक है।
विशेष धार्मिक संयोग:
आज गुरुवार का दिन होने के कारण भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। दोपहर के बाद विजया एकादशी की तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए जानी जाती है। आज फाल्गुन संक्रांति भी है, जो ऋतु परिवर्तन की सूचना देती है।

आज का पंचांग विशेष: विजया एकादशी का आगमन और फाल्गुन की दस्तक
नई दिल्ली: भारतीय काल गणना में पंचांग का विशेष महत्व है। आज, 12 फरवरी 2026, गुरुवार का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है, जो दोपहर के बाद एक अत्यंत शुभ व्रत ‘विजया एकादशी’ में परिवर्तित होने जा रही है।
आज की तिथि और नक्षत्र का प्रभाव
आज सूर्योदय के समय दशमी तिथि व्याप्त है, जो दोपहर 12:22 बजे तक रहेगी। इसके पश्चात एकादशी तिथि का प्रारंभ होगा। शास्त्रों के अनुसार, दशमी युक्त एकादशी का यह समय मानसिक संकल्पों को पूरा करने के लिए उत्तम माना जाता है। आज नक्षत्र ‘ज्येष्ठा’ दोपहर 01:42 बजे तक है, जिसके बाद ‘मूल’ नक्षत्र की शुरुआत होगी। ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी बुध है और मूल का केतु, जो आज के दिन को तीक्ष्ण और निर्णायक कार्यों के लिए उपयुक्त बनाता है।
ग्रहों की चाल और विशेष योग
आज आकाश मंडल में ‘हर्षण’ योग बना हुआ है जो रात 03:06 बजे तक रहेगा। हर्षण योग को खुशियां प्रदान करने वाला और भाग्यवर्धक माना जाता है। चूंकि आज गुरुवार है, इसलिए देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव भी प्रबल रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, आज के दिन पीले वस्त्र धारण करना और भगवान विष्णु की आराधना करना विशेष फलदायी होगा।

शुभ और अशुभ समय का ध्यान
किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले समय की शुद्धता का विचार आवश्यक है। आज का अभिजीत मुहूर्त (दिन का सबसे शुभ समय) दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक रहेगा। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक होती है। इसके विपरीत, आज राहुकाल दोपहर 01:37 बजे से सायं 03:02 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में नए व्यापार, गृह प्रवेश या मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।
आज के विशेष धार्मिक कार्य
- विजया एकादशी का संकल्प: जो भक्त कल (13 फरवरी) को एकादशी का पूर्ण उपवास रखेंगे, उनके लिए आज (दशमी) सात्विक भोजन और संयम का दिन है।
- विष्णु पूजन: आज के दिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप और केले के वृक्ष की पूजा करने से आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं।
- दान का महत्व: आज फाल्गुन संक्रांति का भी समय है, अतः तिल, गुड़ और वस्त्रों का दान करना पुण्यकारी माना गया है।
आज का दिन विशेष क्यों है?
आज का पंचांग संकेत देता है कि यह दिन आत्म-चिंतन और अनुशासन का है। जहाँ दशमी हमें मर्यादा सिखाती है, वहीं एकादशी इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देती है। गुरुवार का संयोग होने से यह दिन विद्यार्थियों और ज्ञान की खोज में लगे लोगों के लिए नई ऊंचाइयों को छूने वाला साबित हो सकता है।








