चंबा: HRTC पेंशनरों का फूटा गुस्सा, लंबित एरियर और चिकित्सा बिलों को लेकर आंदोलन की चेतावनी

, चंबा : ( जितेंद्र मेहरा) हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) पेंशनर्स कल्याण संगठन चंबा इकाई की मासिक बैठक बुधवार को शाहनवाज खान की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में पेंशनरों ने अपने वित्तीय लाभों में देरी और प्रदेश सरकार व निगम प्रबंधन के उदासीन रवैये को लेकर गहरा रोष प्रकट किया।
सौतेला व्यवहार का आरोप
बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के प्रधान कुलदीप कुमार और जिला अध्यक्ष मनोहर लाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार और प्रबंधन पेंशनरों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के अन्य विभागों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 2016 के नए वेतनमान का एरियर मिल चुका है, लेकिन HRTC पेंशनर अभी भी इससे वंचित हैं।

लंबित मांगें
संगठन के पदाधिकारियों ने निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे उठाए:
- DA में आनाकानी: निगम के नियमित कर्मचारियों को 3 प्रतिशत डी.ए. दिया जा चुका है, जबकि पेंशनरों को यह लाभ देने में आनाकानी की जा रही है।
- चिकित्सा बिल लंबित: पिछले 3 वर्षों से चिकित्सा बिलों का भुगतान नहीं किया गया है, जो बुजुर्गों के साथ घोर अन्याय है।
- पेंशन भुगतान में देरी: पेंशन का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है।
ग्रांट-इन-एड रोकने पर चिंता
बैठक में जिला महासचिव ओम प्रकाश शर्मा ने वित्त विभाग और वित्त आयोग के हालिया निर्देशों पर चिंता जताते हुए कहा कि HRTC को ग्रांट-इन-एड बंद करना तर्कसंगत नहीं होगा। उन्होंने तर्क दिया कि निगम सरकार की जनहितैषी नीतियों और विभिन्न वर्गों को दी जा रही मुफ्त/रियायती यात्रा सुविधाओं के कारण घाटे में है। निजी रूटों के आवंटन ने भी निगम की आय को प्रभावित किया है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि HRTC का मूल मंत्र “सजग साधना सविनय सेवा” है, जिसे लाभ-हानि के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।

प्रमुख मांगें और आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने सरकार के समक्ष स्पष्ट मांग रखी है कि:
- हर महीने की पहली तारीख को पेंशन का भुगतान सुनिश्चित हो।
- 3 वर्षों से लंबित मेडिकल बिलों का तुरंत भुगतान किया जाए।
- 2016 के वेतनमान का एरियर जल्द से जल्द दिया जाए।

वक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन मांगों का निवारण नहीं किया गया, तो प्रदेश कार्यकारिणी के नेतृत्व में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।








