पीडब्ल्यूएस अर्ली ईयर्स, पठानकोट ने वार्षिक खेल दिवस पर बिखेरी प्रतिभा की चमक

नन्हे-मुन्नों और अभिभावकों ने खेल मैदान में दिखाया जबरदस्त उत्साह, टीमवर्क और फिटनेस का दिया संदेश
पठानकोट: पीडब्ल्यूएस अर्ली ईयर्स, पठानकोट द्वारा अपना वार्षिक खेल दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, ऊर्जा और जीवंत सहभागिता के साथ मनाया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया, जहाँ खेल भावना और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिला।

200 से अधिक प्रतिभागियों ने दिखाया दमखम
कार्यक्रम में प्री-नर्सरी से कक्षा प्रथम तक के 200 से अधिक नन्हे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नन्हे-मुन्नों के लिए उनकी आयु के अनुकूल विशेष मनोरंजक खेलों और गतिविधियों का आयोजन किया गया था। पूरा विद्यालय परिसर बच्चों की खिलखिलाहट और उत्साह से गूंज उठा। बच्चों ने अपनी फुर्ती और बेहतर तालमेल (Co-ordination) के माध्यम से शारीरिक विकास और टीमवर्क का शानदार प्रदर्शन किया।

अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन की खास बात यह रही कि केवल बच्चों ने ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता ने भी विभिन्न खेलों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इससे न केवल घर और विद्यालय के बीच संबंध मजबूत हुए, बल्कि कम उम्र से ही फिटनेस और सक्रिय जीवनशैली के महत्व को भी प्रोत्साहन मिला। विद्यालय की इस पहल को अभिभावकों ने खूब सराहा।
“खेल शिक्षा का अभिन्न अंग हैं और बच्चे के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। हम बच्चों को एक संतुलित और गतिविधि-आधारित शिक्षण वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
— सनी महाजन, निदेशक (पीडब्ल्यूएस)

प्रबंधन के विचार
- निदेशक ओशिन महाजन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छोटे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और शारीरिक गतिविधियों के प्रति रुचि पैदा करने में सहायक होते हैं। खेलों के माध्यम से बच्चे अनुशासन और स्नेहपूर्ण वातावरण में आगे बढ़ना सीखते हैं।
- हेडमिस्ट्रेस इशानी ने इस आयोजन को भव्य रूप से सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों, स्टाफ और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में जीवनभर के लिए फिटनेस और टीमवर्क के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
यह रंग-बिरंगा आयोजन विद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जहाँ बच्चों के मानसिक विकास के साथ-साथ उनके शारीरिक स्वास्थ्य और आनंदपूर्ण शिक्षण को भी समान महत्व दिया जाता है।








