मोहब्बत की फसल: आपके बुके में सजे लाल गुलाब का ‘पता’ मिल गया, जानिए किस राज्य ने कितना उगाया”

वैलेंटाइन डे पर जब आप किसी को लाल गुलाब भेंट करते हैं, तो वह सिर्फ एक फूल नहीं, बल्कि भारत के किसानों की कड़ी मेहनत का परिणाम होता है। हाल ही में APEDA (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) द्वारा जारी आंकड़ों ने गुलाब उत्पादन की एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है। साल 2023-24 में भारत ने कुल 2,76,720 मीट्रिक टन गुलाब का उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
यूपी बना ‘गुलाब का सुल्तान’, तमिलनाडु महज एक कदम दूर
इस रेस में उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। उत्तर प्रदेश 66,410 मीट्रिक टन उत्पादन के साथ देश का नंबर-1 राज्य बन गया है। हालांकि, तमिलनाडु उसे कड़ी चुनौती दे रहा है; वहां 66,170 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। दोनों राज्यों के बीच का अंतर इतना कम है कि इसे ‘फोटो फिनिश’ मुकाबला कहा जा सकता है।

मध्य भारत की खुशबू भी बरकरार
सिर्फ उत्तर और दक्षिण ही नहीं, मध्य भारत ने भी इस फेहरिस्त में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है:
- मध्य प्रदेश: 43,860 मीट्रिक टन (तीसरा स्थान)
- छत्तीसगढ़: 42,010 मीट्रिक टन (चौथा स्थान)
- गुजरात: 41,320 मीट्रिक टन (पांचवां स्थान)
टॉप-10 राज्यों का रिपोर्ट कार्ड (उत्पादन मीट्रिक टन
|
रैंक |
राज्य |
उत्पादन (MT) |
|---|---|---|
|
1 |
उत्तर प्रदेश |
66,410 |
|
2 |
तमिलनाडु |
66,170 |
|
3 |
मध्य प्रदेश |
43,860 |
|
4 |
छत्तीसगढ़ |
42,010 |
|
5 |
गुजरात |
41,320 |
|
6 |
कर्नाटक |
10,860 |
|
7 |
तेलंगाना |
3,320 |
|
8 |
हरियाणा |
1,920 |
|
9 |
उत्तराखंड |
500 |
|
10 |
त्रिपुरा |
350 |
पहाड़ों से लेकर पूर्वोत्तर तक विस्तार

गुलाब की खेती अब पारंपरिक राज्यों से निकलकर पहाड़ों और पूर्वोत्तर तक पहुंच गई है। जहां उत्तराखंड ने 500 मीट्रिक टन उत्पादन किया, वहीं त्रिपुरा ने भी टॉप-10 में जगह बनाकर सबको चौंका दिया है।
खास बात: विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीकों और बढ़ती मांग के कारण भारत अब वैश्विक स्तर पर गुलाब निर्यात का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।








