सुल्याली में नशा निवारण समिति की समीक्षा बैठक: नशा मुक्त समाज के लिए प्रशासन और जनता ने मिलाया हाथ

हिमाचल प्रदेश सरकार के ‘एंटी ड्रग एवं एंटी चिट्टा अभियान’ को गति देते हुए आज ग्राम पंचायत सुल्याली में नशा निवारण समिति (NNC) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस और नागरिक प्रशासन के आला अधिकारियों ने स्थानीय जनता के साथ मिलकर क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने की रणनीति साझा की।

प्रमुख बिंदु और चर्चाएं
बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक (SP) नूरपुर ने की, जबकि एसडीएम (SDM) नूरपुर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान निम्नलिखित मुख्य विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया:
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- सख्त कार्रवाई: नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाने का आश्वासन।
- सटीक सूचना तंत्र: एसपी नूरपुर ने आम जनता से अपील की कि वे नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी सूचनाएं पुलिस के साथ साझा करें।
- जागरूकता व पुनर्वास: एसडीएम नूरपुर ने युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए प्रभावी जागरूकता कार्यक्रमों और पीड़ितों के पुनर्वास पर जोर दिया।
- समन्वय: शिक्षण संस्थानों, महिला मंडलों और युवक मंडलों को अभियान के साथ सक्रिय रूप से जोड़ना।
”नशा एक सामाजिक बुराई है जिसे केवल पुलिस के दम पर नहीं, बल्कि जन-भागीदारी से ही जड़ से खत्म किया जा सकता है। प्रशासन नशा तस्करों पर सख्त है, पर समाज का सहयोग अनिवार्य है।”
— पुलिस अधीक्षक, नूरपुर

प्रशासन की सक्रियता
बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले दो महीनों के भीतर उपायुक्त कांगड़ा, एसपी नूरपुर और एसडीएम ने मिलकर 9 पंचायत स्तरीय बैठकों में हिस्सा लिया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि प्रशासन इस अभियान को लेकर कितना गंभीर है।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने ‘नशा मुक्त समाज’ के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।








