कोरोना की यादों के बीच अब निपाह की दस्तक, क्या फिर थमेगी दुनिया?

कोरोना महामारी का खौफ अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ था कि एक और जानलेवा वायरस ‘निपाह’ (Nipah Virus) ने एशिया समेत भारत की चिंता बढ़ा दी है। दक्षिण भारत से शुरू होकर अब यह वायरस पश्चिम बंगाल और देश के अन्य हिस्सों की ओर रुख कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसकी गंभीरता को देखते हुए इसे ‘प्राथमिकता वाली बीमारियों’ की सूची में शामिल किया है।
क्या फिर लगेंगे प्रतिबंध?
वर्तमान में पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में दो नर्सों में इस वायरस की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह है कि सरकार ने अभी तक कोई देशव्यापी लॉकडाउन या यात्रा प्रतिबंध नहीं लगाया है। * कंटेनमेंट ज़ोन: केवल उन इलाकों में आवाजाही सीमित की जा सकती है जहाँ सक्रिय मामले मिले हैं।
- स्कूल-कॉलेज: प्रभावित जिलों में एहतियातन कुछ शिक्षण संस्थान बंद किए गए हैं, लेकिन यह स्थानीय स्तर पर ही है।
लक्षण: सामान्य फ्लू से दिमाग में सूजन तक
निपाह वायरस के लक्षण शुरुआत में साधारण बुखार जैसे लगते हैं, लेकिन यह तेजी से घातक हो सकते हैं:
- शुरुआती लक्षण: तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और उल्टी।
- गंभीर स्थिति: सांस लेने में तकलीफ (Pneumonia) और दिमागी सूजन (Encephalitis), जिससे मरीज कोमा में जा सकता है।
- मृत्यु दर: विशेषज्ञों के अनुसार, निपाह की मृत्यु दर 40% से 75% तक हो सकती है, जो इसे कोरोना से भी अधिक खतरनाक बनाती है।

हवाई अड्डों पर सख्ती: एशिया में ‘हाई अलर्ट’
भारत में मामले सामने आते ही पड़ोसी देशों ने सुरक्षा चक्र बढ़ा दिया है:
- थर्मल स्क्रीनिंग: चीन, पाकिस्तान और सिंगापुर जैसे देशों ने यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।
- ट्रैवल हिस्ट्री: अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए पिछले 14 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री देना अनिवार्य किया जा रहा है।
- निगरानी: संदिग्ध लक्षण दिखने पर यात्रियों को तुरंत क्वारंटाइन किया जा रहा है।
बचाव के तरीके (एक्सपर्ट की राय)
”यह वायरस संक्रमित चमगादड़ों (Fruit Bats) के लार या मूत्र से दूषित फलों और खजूर के रस से फैलता है। साथ ही, यह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैल सकता है। फिलहाल पैनिक होने के बजाय सतर्क रहने की जरूरत है।” — स्वास्थ्य विशेषज्ञ

जरूरी सावधानियां:
- पेड़ों से गिरे या पक्षियों द्वारा कुतरे गए फल न खाएं।
- कच्चे खजूर का रस (ताड़ी) पीने से बचें।
- संक्रमित क्षेत्रों में मास्क और ग्लव्स का प्रयोग करें।








