तिब्बती धर्मगुरु की नगरी में हड़कंप: बिना वीजा 130 दिनों से रह रहा चीनी नागरिक गिरफ्तार

धर्मशाला | तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संवेदनशीलता के बीच, हिमाचल प्रदेश के मैक्लोडगंज से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने यहां अवैध रूप से रह रहे एक चीनी नागरिक को हिरासत में लिया है, जो पिछले साढ़े तीन महीनों (130 दिनों) से बिना भारतीय वीजा के सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंक रहा था।
नेपाल के रास्ते कोलकाता से पहुंचा धर्मशाला
पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान लू वेननियन के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल हुआ और पहले कोलकाता गया। वहां से वह धर्मशाला के मैक्लोडगंज पहुंचा। चौंकाने वाली बात यह है कि भारत आने से पहले यह नागरिक मिस्र, आर्मेनिया, तुर्की, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड जैसे कई देशों का भ्रमण कर चुका है। इतनी बड़ी ट्रैवल हिस्ट्री और दलाईलामा की नगरी में उसकी मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।

ऐसे हुआ खुलासा
यह मामला सोमवार को तब प्रकाश में आया जब लू वेननियन खुद धर्मशाला स्थित एसपी कार्यालय पहुंचा। वह केवल चीनी भाषा बोल रहा था और हिंदी या अंग्रेजी समझने में असमर्थ था। शक होने पर मैक्लोडगंज थाना पुलिस को सूचित किया गया। शुरुआत में वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना पासपोर्ट पेश किया, जिससे साफ हो गया कि उसके पास भारत का वैध वीजा नहीं है।
पुलिस रिमांड और आगामी जांच
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विदेशी अधिनियम (Foreigners Act, 1946) की धारा 14 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
”आरोपी को मंगलवार को धर्मशाला कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। हम इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि उसके यहां ठहरने का असली मकसद क्या था और उसे स्थानीय स्तर पर किसने मदद पहुंचाई।”
— बीर बहादुर सिंह, एएसपी कांगड़ा

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
दलाईलामा के निवास स्थान के पास एक चीनी नागरिक का बिना वीजा इतने लंबे समय तक ठहरना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। खुफिया एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह केवल एक पर्यटक की लापरवाही है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।








