चम्बा के पहाड़ी क्षेत्रों में बंदरों का आतंक, फसलें चौपट; स्कूल जाने वाले बच्चे भी निशाने पर

चम्बा। (जितेंद्र मेहरा) : चम्बा जिला के पहाड़ी इलाकों में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसने न सिर्फ किसानों की कमर तोड़ दी है, बल्कि आम जनजीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। जिला की सिमणि पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों ने उनकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके कारण उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर भी खतरा मंडराने लगा है।
किसानों को भारी नुकसान:
ग्रामीणों के मुताबिक, हाल ही में तैयार हुई मक्की की फसल को बंदरों ने बड़े पैमाने पर बर्बाद कर दिया। खेतों में घुसकर फसल उखाड़ने से इस बार मक्की की उपज बेहद कम रही, जिसके चलते किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। अब जबकि गेहूं की बुवाई का समय आ गया है, बंदर खेतों से बीज तक उठाकर ले जा रहे हैं।
सब्जी उगाना भी छोड़ा:
बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि कई ग्रामीणों ने सब्जियां उगाना तक छोड़ दिया है। उनका कहना है कि खेतों में कुछ भी सुरक्षित नहीं बचता।

बच्चों और स्कूलों पर खतरा:
ग्रामीणों ने बताया कि अब तो बंदर गांवों में ही नहीं, बल्कि स्कूलों के आसपास भी दिखाई देने लगे हैं। वे बच्चों को डराने के साथ-साथ कभी-कभी उन पर हमला भी कर देते हैं, जिससे अभिभावकों में दहशत का माहौल है।
वन विभाग से गुहार:
समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने अब वन विभाग से इस ओर ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने गुहार लगाई है कि इन बंदरों को पकड़कर किसी सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाए, ताकि गांववासियों और खासकर बच्चों को इस बढ़ते आतंक से राहत मिल सके।








