डेरा प्रमुख की सुरक्षा में बड़ी सेंध: तरुण भंडारी ने पुलिस और जेल प्रशासन को घेरा
कहा- जहां सुरक्षाकर्मी नहीं जा सकते, वहां मीडिया कैसे पहुंचा? सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग

राधा स्वामी सत्संग के डेरा मुखी की सुरक्षा में हुई भारी चूक को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी ने इस घटना पर कड़ा रोष प्रकट किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल और पुलिस प्रशासन ने डेरा प्रमुख की ‘हाई सिक्योरिटी’ सुरक्षा को नजरअंदाज करते हुए मीडिया कर्मियों को उस संवेदनशील स्थान तक जाने की अनुमति दी, जहां उनके निजी सुरक्षाकर्मियों का प्रवेश भी वर्जित था।

सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल
तरुण भंडारी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा, “आखिर यह कैसे संभव हुआ कि जिस प्रतिबंधित क्षेत्र में डेरा प्रमुख के साए की तरह साथ रहने वाले सुरक्षाकर्मियों को नहीं जाने दिया गया, वहां मीडिया कर्मी बेरोकटोक पहुंच गए?” भंडारी ने जोर देकर कहा कि डेरा प्रमुख एक बेहद सम्मानित और श्रद्धेय शख्सियत हैं, और उनकी सुरक्षा में इस तरह की लापरवाही किसी बड़े खतरे को निमंत्रण दे सकती थी।

साजिश की आशंका और जांच की मांग
राजनीतिक सचिव ने इस मामले में गहरी साजिश की आशंका जताते हुए कहा कि मीडिया कर्मियों की आड़ में कोई भी अराजक तत्व सुरक्षा घेरा तोड़कर डेरा प्रमुख को नुकसान पहुंचा सकता था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा:
- CCTV की जांच: जेल परिसर में लगे सभी कैमरों की बारीकी से जांच होनी चाहिए।
- प्रशासन की भूमिका: यह पता लगाया जाए कि क्या पुलिस या जेल के सरकारी वाहनों का उपयोग मीडिया कर्मियों को अंदर तक पहुंचाने के लिए किया गया।
- जवाबदेही तय हो: इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
भंडारी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वह इस मामले को उच्च स्तर पर उठाएंगे।








