आदमपुर एयरपोर्ट के नामकरण पर छिड़ा ‘क्रेडिट वार’: विधायक सुखविंदर कोटली ने केंद्र और पीएम मोदी पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जालंधर दौरे और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘श्री गुरु रविदास महाराज एयरपोर्ट’ किए जाने के फैसले ने पंजाब की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। आदमपुर से कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इसे चुनावी स्टंट करार दिया है। विधायक का कहना है कि एयरपोर्ट का नाम बदलने का श्रेय लेने के लिए केंद्र सरकार केवल औपचारिकताएं कर रही है, जबकि इसकी असल पहल कांग्रेस ने बहुत पहले ही कर दी थी।
8 साल का इंतजार क्यों? कोटली का सवाल
विधायक सुखविंदर कोटली ने कहा कि आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने का प्रस्ताव कांग्रेस सरकार द्वारा 2017 में विधानसभा में सर्वसम्मति से पास कर केंद्र को भेजा गया था। उन्होंने बताया कि वह स्वयं 4 सांसदों के साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले थे, जिसके बाद इसे मंजूरी मिली थी।
कोटली ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा, “अगर प्रस्ताव पास हो चुका था, तो केंद्र ने 8 साल तक इंतजार क्यों किया? गुरु महाराज के नाम के बोर्ड उसी समय लग जाने चाहिए थे, लेकिन चुनावों को देखते हुए अब यह बदलाव किया गया है।”

बजट और दलित कल्याण पर भी घेरा
विधायक ने पीएम मोदी के दौरे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री डेरा सचखंड बल्ला में नतमस्तक हुए, यह अच्छी बात है, लेकिन पंजाब की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
- बजट से निराशा: कोटली ने कहा कि पंजाब के लोगों को इस बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन राज्य के हाथ खाली रहे।
- दलितों के लिए फंड: उन्होंने कहा कि अगर पीएम दलित समुदाय के लिए 10, 20 या 50 हजार करोड़ के विशेष पैकेज या किसी बड़ी यूनिवर्सिटी का ऐलान करते, तो उनकी स्थिति में सुधार होता।
- अनदेखी का आरोप: विधायक ने आरोप लगाया कि वह स्थानीय विधायक हैं, लेकिन उन्हें पीएम के कार्यक्रम का निमंत्रण तक नहीं दिया गया। उन्होंने मिलने के लिए पत्र भी लिखा था, लेकिन समय नहीं मिला।
नवजोत कौर सिद्धू के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू द्वारा कांग्रेस से इस्तीफा देने के मामले पर भी विधायक कोटली ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पार्टी से कोई शिकायत थी, तो उन्हें हाईकमान के सामने अपनी बात रखनी चाहिए थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पार्टी छोड़कर जाना अलग बात है, लेकिन इस्तीफे के बाद अपनी ही पार्टी के खिलाफ बयानबाजी करना पूरी तरह गलत है।”

मुख्य बिंदु:
- विधायक ने एयरपोर्ट नामकरण को कांग्रेस की उपलब्धि बताया।
- केंद्र पर केवल चुनावी लाभ के लिए ‘क्रेडिट’ लेने का आरोप।
- पंजाब के लिए बजट में कोई बड़ी घोषणा न होने पर दुख जताया।
- किसानों की समस्याओं और दलितों के उत्थान के लिए फंड की मांग की।








