केंद्र की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, डीसी कार्यालय पूंछ पर जोरदार प्रदर्शन

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उपायुक्त (डीसी) कार्यालय पूंछ के बाहर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहनवाज चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम बदलने और स्मार्ट बिजली मीटरों की स्थापना जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा।

मनरेगा का नाम बदलना राजनीति से प्रेरित: शहनवाज चौधरी
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष शहनवाज चौधरी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत की आर्थिक रीढ़ है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा योजना का नाम बदलने के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “मनरेगा गरीबों और बेरोजगारों के लिए जीवनरेखा है। इस ऐतिहासिक योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना या इसे राजनीतिक रंग देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी जनकल्याणकारी योजनाओं की मूल भावना को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास का डटकर मुकाबला करेगी।”
स्मार्ट मीटरों और बढ़ते बिजली बिलों पर जताया रोष
प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता फियाज़ दीवान भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने स्मार्ट मीटरों की स्थापना को आम जनता के साथ अन्याय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से ये मीटर लगाए गए हैं, गरीब और मध्यम वर्ग के बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। दीवान ने मांग की कि प्रशासन जनता की इन जायज मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाए और बिजली दरों में तत्काल राहत प्रदान करे।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान लगभग 100 कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के नाम में बदलाव का फैसला वापस नहीं लिया गया और बिजली बिलों की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन जिला स्तर से बढ़कर पूरे प्रदेश में उग्र रूप धारण करेगा।
मुख्य बिंदु:
- नेतृत्व: जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहनवाज चौधरी एवं वरिष्ठ नेता फियाज़ दीवान।
- प्रमुख मुद्दे: मनरेगा का नाम बदलना और स्मार्ट बिजली मीटरों से बढ़ते बिल।
- चेतावनी: मांगे पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने का संकल्प।








