दहशत: सरकाघाट में आदमखोर तेंदुए का तांडव, रेस्क्यू टीम पर हमला कर वनकर्मी को किया लहुलुहान

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला अंतर्गत सरकाघाट उपमंडल की कलाऊ-अमरोहा पंचायत में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक खूंखार तेंदुए ने वन विभाग की रेस्क्यू टीम पर ही जानलेवा हमला बोल दिया। इस हमले में विभाग के बहुद्देश्यीय कर्मचारी जोगिंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तेंदुए के इस दुस्साहस से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण अब घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं।

झाड़ियों में घात लगाकर बैठा था ‘यमराज’
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की आवाजाही से ग्रामीण परेशान थे। सोमवार सुबह ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग की एक टीम ब्लॉक ऑफिसर (BO) विजय कुमार के नेतृत्व में गांव पहुंची। टीम करीब 11:30 बजे जैसे ही झाड़ियों के पास पहुंची, वहां पहले से घात लगाकर बैठे तेंदुए ने बिजली की फुर्ती से सबसे आगे चल रहे कर्मचारी जोगिंदर सिंह पर हमला कर दिया।
अदम्य साहस: ग्रामीणों और टीम ने चंगुल से छुड़ाया
तेंदुए ने जोगिंदर सिंह के चेहरे और पैरों पर अपने नुकीले दांतों और नाखूनों से गहरे जख्म कर दिए। अचानक हुए इस हमले से एक बार तो टीम के सदस्य सन्न रह गए, लेकिन तुरंत ही अदम्य साहस का परिचय देते हुए ग्रामीणों और वनकर्मियों ने शोर मचाना शुरू किया और लाठियों से जवाबी प्रहार किया। चारों तरफ से घिरता देख तेंदुआ घायल जोगिंदर को छोड़कर घने जंगल की ओर भाग निकला।
अस्पताल में भर्ती, सर्च ऑपरेशन तेज
घायल जोगिंदर सिंह को तत्काल नागरिक अस्पताल सरकाघाट पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ (DFO) सुकेत राकेश कटोच ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।
विभागीय कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- घायल कर्मचारी का अस्पताल में उपचार जारी, चेहरे और टांगों पर आए गहरे घाव।
- पूरे इलाके में वन विभाग की गश्त (Patrolling) बढ़ा दी गई है।
- तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरा लगाने और बड़े सर्च ऑपरेशन की तैयारी।

प्रशासन की अपील: सतर्क रहें ग्रामीण
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और शाम के समय बच्चों को घरों के भीतर ही रखें। विभाग का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता इस आक्रामक तेंदुए को पकड़ना है ताकि किसी और अप्रिय घटना को रोका जा सके।








