जालंधर: बायो-गैस प्लांट के विरोध में सड़क पर उतरे किसान, हाईवे जाम से बढ़ा तनाव

जालंधर में प्रस्तावित बायो-गैस और बायो-फ्यूल प्लांट को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब उग्र होता जा रहा है। सोमवार को किसान यूनियन (सिद्धू) के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे जाम करने की कोशिश की। पुलिस प्रशासन द्वारा बीच रास्ते में रोके जाने से नाराज किसान सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, किसान परागपुर कट की ओर कूच कर रहे थे। हालांकि, भारी पुलिस बल ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब किसानों ने पुलिस बैरिकेडिंग के सामने ही नारेबाजी शुरू कर दी और कैंट काउंटी के पास सोफी पिंड के बाहर मोर्चा खोल दिया।

प्रमुख मांग: ‘चारा मंडी’ की बहाली
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध केवल प्लांट तक सीमित नहीं है। उनकी मुख्य मांग चारा मंडी को दोबारा बहाल करना है।
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- आरोप: किसान नेताओं का कहना है कि यह मंडी वर्षों से इसी स्थान पर चल रही है, लेकिन अब इसे जबरन हटाने की साजिश रची जा रही है।
- तर्क: किसानों के अनुसार, बायो-गैस प्लांट पर्यावरण और स्थानीय खेती के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
”हम शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमें रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है। जब तक चारा मंडी बहाल नहीं होती और प्लांट का प्रस्ताव रद्द नहीं होता, हम पीछे नहीं हटेंगे।”
— किसान नेता, यूनियन (सिद्धू)

प्रशासन के साथ वार्ता विफल
मौके पर मौजूद उच्च पुलिस अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर गौर नहीं किया, तो इस आंदोलन को पूरे पंजाब में तेज किया जाएगा।








