2026 में विदेश यात्रा की योजना? इन ‘डेंजर ज़ोन’ देशों से बना लें दूरी

साल 2026 की शुरुआत दुनिया के लिए शांतिपूर्ण नहीं रही है। वैश्विक राजनीति में मची उथल-पुथल, गृहयुद्ध और सीमा विवादों ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के मानचित्र को बदल दिया है। यदि आप इस साल विदेश घूमने का सपना देख रहे हैं, तो सुरक्षा की दृष्टि से कुछ देशों को अपनी लिस्ट से बाहर करना ही समझदारी है। भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने कई देशों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
1. युद्ध की आग में झुलसते देश (अत्यधिक खतरनाक)
इन क्षेत्रों में सैन्य संघर्ष और हिंसा के कारण सामान्य नागरिक जीवन अस्त-व्यस्त है:
- अफगानिस्तान: तालिबान शासन के तहत यहां न केवल नियम सख्त हैं, बल्कि अचानक होने वाले आतंकी हमलों और विदेशी नागरिकों के अपहरण का खतरा बहुत अधिक है।
- सूडान: सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच जारी भीषण जंग ने पूरे बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया है। यहां सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
- यमन: वर्षों से जारी संघर्ष और हूती विद्रोहियों की सक्रियता ने इसे दुनिया के सबसे असुरक्षित देशों की सूची में शीर्ष पर रखा है।

2. राजनीतिक अस्थिरता और अपराध का साया
कुछ देशों में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है:
- वेनेजुएला: 2026 में यहां राजनीतिक तनाव चरम पर है। विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी और हिंसक अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। भारत सरकार ने यहां की गैर-जरूरी यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है।
- हैती: राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस सहित बड़े हिस्से पर अब सशस्त्र गिरोहों का कब्जा है। यहाँ पुलिस प्रशासन की पकड़ लगभग खत्म हो चुकी है।
- म्यांमार और पाकिस्तान: म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद गृहयुद्ध जैसे हालात हैं, जबकि पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी गतिविधियों और राजनीतिक अस्थिरता ने इसे पर्यटकों के लिए जोखिमभरा बना दिया है।

3. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और क्षेत्रीय तनाव
-
- रूस और बेलारूस: यूक्रेन युद्ध के कारण यहां कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लागू हैं। विदेशी पर्यटकों पर जासूसी के आरोप या बेवजह हिरासत का जोखिम बना रहता है।
- ईरान और लेबनान: इजरायल के साथ बढ़ते तनाव और आंतरिक विद्रोह के कारण इन देशों के हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं। हाल ही में भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों को तुरंत इन क्षेत्रों को छोड़ने को कहा है।

विशेष सलाह: किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर निकलने से पहले भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नवीनतम ‘ट्रैवल एडवाइजरी’ जरूर चेक करें। सुरक्षा के बिना सैर-सपाटा भारी पड़ सकता है।








