शिमला के रिज पर पहली बार आसमान से बरसे फूल, कड़ी सुरक्षा के बीच मना गणतंत्र दिवस

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर सोमवार को राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह बेहद भव्य और ऐतिहासिक रहा। कड़कड़ाती ठंड और बर्फबारी के बीच हिमाचल ने न केवल अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया, बल्कि सुरक्षा के मोर्चे पर भी अपनी मुस्तैदी का लोहा मनवाया।
पहली बार हुई पुष्पवर्षा
इस बार के समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण आसमान से हुई पुष्पवर्षा रही। राज्य के गणतंत्र दिवस इतिहास में यह पहली बार हुआ जब हेलीकॉप्टर के जरिए रिज मैदान पर मौजूद जनसमूह और तिरंगे पर फूलों की बारिश की गई। इस दृश्य ने वहां मौजूद हर नागरिक को गौरव से भर दिया।

आयोजन के मुख्य अंश
- ध्वजारोहण: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
- परेड का नेतृत्व: जेएंडके राइफल्स के लेफ्टिनेंट शाश्वत तिवारी ने भव्य मार्च पास्ट का नेतृत्व किया।
- अनुशासन का प्रदर्शन: भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसएसबी, हिमाचल पुलिस, एनसीसी कैडेट्स और आपदा प्रबंधन की टुकड़ियों ने कदमताल करते हुए अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया।
- झांकियां और संस्कृति: विभिन्न सरकारी विभागों ने झांकियों के माध्यम से विकास कार्यों को दर्शाया, जबकि स्थानीय कलाकारों की लोक प्रस्तुतियों ने हिमाचल की संस्कृति को जीवंत कर दिया।

अभेद्य किले में तब्दील हुआ रिज मैदान
सुरक्षा चुनौतियों और खुफिया इनपुट को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। डीआईजी संजीव कुमार गांधी के नेतृत्व में पुलिस और सीआईडी ने सुरक्षा का मोर्चा संभाला।
सुरक्षा के कड़े कदम:
- नाकेबंदी: शोघी चेकपोस्ट सहित शहर के सभी प्रवेश द्वारों पर वाहनों की गहन तलाशी ली गई।
- होटलों पर नजर: शहर के सभी होटलों में ठहरने वालों की आईडी और रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई।
- पास अनिवार्य: मुख्य मंच की ओर जाने वाले अतिथियों के लिए प्रशासन ने विशेष पास अनिवार्य किए थे।

कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। सेना और पुलिस बैंड की देशभक्ति धुनों ने पूरे वातावरण को जोश और गौरव से सराबोर कर दिया।








