भरमौर में लापता युवकों की तलाश तेज: सेना के हेलिकॉप्टर और हाईटेक ड्रोन भी रहे नाकाम

भरमौर (चंबा): जनजातीय क्षेत्र भरमौर की दुर्गम पहाड़ियों में लापता हुए दो युवकों की खोजबीन के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। सर्च ऑपरेशन के दूसरे और तीसरे दिन शनिवार और रविवार को आसमान से लेकर जमीनी स्तर तक सघन अभियान चलाया गया, लेकिन अभी तक लापता युवकों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
सेना ने आसमान से नापी ‘सिमरा धार’, मौसम बना बाधा
शनिवार को सेना के दो विशेष हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला। हेलिकॉप्टरों ने भरमाणी माता की पहाड़ियों, कुकड़ू कंडा और सिमरा धार जैसे बेहद दुर्गम और खड़ी चढ़ाई वाले क्षेत्रों में करीब एक घंटे तक उड़ान भरी। हालांकि, घने जंगलों और ऊंची चोटियों के बीच युवकों का पता लगाना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।

SDRF की हाईटेक तकनीक का सहारा
रविवार को खोज अभियान में तकनीकी मदद ली गई। पहले सामान्य ड्रोन से पहाड़ियों की खाक छानी गई, लेकिन ऊंचाई अधिक होने के कारण वह सफल नहीं हो पाया। इसके बाद SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) ने अपने शक्तिशाली और उच्च क्षमता वाले ‘हाईटेक ड्रोन’ को मैदान में उतारा। यह ड्रोन गहरी खाइयों और उन स्थानों पर नजर रख रहा है जहां इंसानों का पहुंचना लगभग नामुमकिन है।

गांव-गांव से उमड़ा जनसैलाब, बनाई गई टोलियां
लापता युवकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए स्थानीय लोग भी जान की बाजी लगा रहे हैं। मलकोता, संचूई, भरमौर, घरेड़, पंसेई और गोसन गांवों के युवाओं ने पुलिस और पर्वतारोहण संस्थान के विशेषज्ञों के साथ मिलकर अलग-अलग सर्च पार्टियां बनाई हैं। ये टोलियां उन इलाकों में पैदल सर्च कर रही हैं जहां घना जंगल है।
“प्रशासन लापता युवकों को ढूंढने के लिए प्रतिबद्ध है। एसडीआरएफ, पुलिस और पर्वतारोहण संस्थान की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। अगर सोमवार को मौसम ने साथ दिया, तो सेना के हेलिकॉप्टरों को दोबारा हवाई सर्वेक्षण के लिए बुलाया जाएगा।”
— विशाल शर्मा, एसडीएम, भरमौर









