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“सावधान! आपकी किडनी और लिवर को बीमार कर सकती हैं दर्द निवारक दवाएं”

सावधान! बिना डॉक्टरी सलाह के पेन किलर्स लेना पड़ सकता है भारी, किडनी और लिवर को पहुंच रहा है गंभीर नुकसान

नई दिल्ली : ​सिरदर्द हो या बदन दर्द, हम अक्सर बिना सोचे-समझे मेडिकल स्टोर से पेन किलर खरीदकर खा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह छोटी सी लापरवाही आपके शरीर के दो सबसे महत्वपूर्ण अंगों—किडनी और लिवर—को हमेशा के लिए खराब कर सकती है? हालिया चिकित्सा शोध और विशेषज्ञों की चेतावनी के अनुसार, एनएसएआईडी (NSAIDs) और पैरासिटामोल जैसी दवाओं का अनियंत्रित इस्तेमाल जानलेवा साबित हो रहा है।

किडनी पर ‘साइलेंट अटैक’

​विशेषज्ञों का कहना है कि इबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनाक और नेप्रोक्सन जैसी दवाएं शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिन्स नामक रसायनों को रोक देती हैं। ये रसायन किडनी में रक्त के प्रवाह (Blood Flow) को बनाए रखते हैं। जब इनका स्तर गिरता है, तो किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे एक्यूट किडनी इंजरी और क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का खतरा बढ़ जाता है।

लिवर फेलियर का बढ़ा खतरा

​पैरासिटामोल को आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसकी ओवरडोज लिवर के लिए जहर के समान है। यह लिवर में मौजूद सुरक्षात्मक तत्व ‘ग्लूटाथियोन’ को खत्म कर देती है, जिससे लिवर की कोशिकाएं मरने लगती हैं। शराब का सेवन करने वालों और हेपेटाइटिस के मरीजों में यह खतरा दोगुना होता है।

इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

​डॉक्टरों के अनुसार, शुरुआती लक्षणों को पहचानकर बड़े नुकसान से बचा जा सकता है:

अंग

चेतावनी के संकेत (Symptoms)

किडनी

पैरों-चेहरे पर सूजन, पेशाब में झाग या खून आना, लगातार थकान, बीपी बढ़ना।

लिवर

आंखों-त्वचा का पीलापन (पीलिया), पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, गहरी रंगत का पेशाब, उल्टी।

किन लोगों को है सबसे ज्यादा जोखिम?

  • बुजुर्ग: उम्र बढ़ने के साथ अंगों की कार्यक्षमता कम होती है।
  • क्रॉनिक मरीज: डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी वाले लोग।
  • नियमित सेवन: जो लोग बिना डॉक्टरी सलाह के 10-14 दिनों से ज्यादा दवा ले रहे हैं।

बचाव के उपाय: क्या करें और क्या न करें

    1. स्व-उपचार (Self-medication) से बचें: कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर की राय जरूर लें।
    2. पानी का भरपूर सेवन: दवाओं के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने के लिए हाइड्रेटेड रहें।
    3. नियमित जांच: यदि आप लंबे समय से दवा ले रहे हैं, तो KFT (किडनी फंक्शन टेस्ट) और LFT (लिवर फंक्शन टेस्ट) करवाते रहें।
    4. विकल्प तलाशें: छोटे-मोटे दर्द के लिए फिजियोथेरेपी, योग, गर्म/ठंडी सिकाई जैसे प्राकृतिक तरीके अपनाएं।

विशेषज्ञ की राय: “पेन किलर्स केवल आपातकालीन राहत के लिए हैं। इन्हें टॉफी या चॉकलेट की तरह खाना आपके अंगों को धीरे-धीरे ‘शटडाउन’ कर सकता है। हमेशा सुरक्षित डोज का पालन करें।”

 

किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।)

Ami News
Author: Ami News

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