25 जनवरी 2026: राष्ट्रीय मतदाता और राष्ट्रीय पर्यटन दिवस

आज यानी 25 जनवरी 2026 का दिन कई मायनों में ऐतिहासिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। यहाँ आज के दिन की पूरी व्याख्या विस्तार से दी गई है:
🌍 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टि से महत्व
राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters’ Day)
भारत में आज का दिन लोकतंत्र के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। 25 जनवरी 1950 को ही ‘भारतीय निर्वाचन आयोग’ की स्थापना हुई थी। साल 2026 में हम 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मना रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना और नए मतदाताओं को पंजीकृत करना है। देशभर में आज के दिन मतदाता जागरूकता रैलियाँ और विशेष शिविर आयोजित किए जाते हैं।

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (National Tourism Day)
भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक पहचान में पर्यटन की भूमिका को रेखांकित करने के लिए आज का दिन विशेष है। भारत सरकार आज के दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से “अतिथि देवो भव:” की भावना और देश के ऐतिहासिक स्थलों की विविधता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करती है।
अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य
विश्व कुष्ठ रोग दिवस’ (World Leprosy Day)
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आज ‘विश्व कुष्ठ रोग दिवस’ (World Leprosy Day) मनाया जा रहा है। हालांकि यह जनवरी के आखिरी रविवार को होता है, और 2026 में 25 जनवरी को ही रविवार पड़ रहा है, इसलिए यह वैश्विक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का दिन है।

धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व
रथ सप्तमी (सूर्य जयंती)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को भगवान सूर्य देव का जन्म हुआ था। इसे ‘अचला सप्तमी’ या ‘विधान सप्तमी’ भी कहा जाता है। माना जाता है कि आज के दिन सूर्य देव ने अपने रथ पर सवार होकर जगत को आलोकित किया था। आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दीप दान करने का फल सात जन्मों के पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।
भानु सप्तमी का महासंयोग
चूंकि आज रविवार है, और रविवार सूर्य देव का दिन है, इसलिए सप्तमी तिथि होने से यह ‘भानु सप्तमी’ बन गई है। ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद दुर्लभ और लाभकारी संयोग माना जाता है, जो स्वास्थ्य (विशेषकर चर्म रोग) और मान-सम्मान में वृद्धि करने वाला होता है।
नर्मदा जयंती
आज के दिन ही माँ नर्मदा का धरती पर अवतरण हुआ था। अमरकंटक से लेकर गुजरात तक नर्मदा तटों पर आज उत्सव का माहौल है, जहाँ भक्त माँ नर्मदा की आरती और अभिषेक करते हैं।
आज का विस्तृत पंचांग
तिथि और नक्षत्र
आज माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। यह तिथि रात्रि 11:10 तक रहेगी, जिसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। नक्षत्रों की बात करें तो आज दोपहर 01:34 तक ‘रेवती’ नक्षत्र है, जो कि पंचक का अंतिम नक्षत्र है। इसके बाद ‘अश्विनी’ नक्षत्र शुरू होगा, जो कि केतु का नक्षत्र है और शुभ कार्यों के लिए मंगलकारी माना जाता है।
आज के विशेष योग
आज ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ और ‘रवि योग’ का संगम है। ये दोनों योग किसी भी नए कार्य की शुरुआत, खरीदारी या निवेश के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। सुबह 07:13 से दोपहर 01:34 तक यह विशेष मुहूर्त विद्यमान है।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
आज सूर्य देव मकर राशि में गोचर कर रहे हैं (उत्तरायण काल), जबकि चंद्रमा दोपहर 01:34 तक मीन राशि में रहेंगे और उसके बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
शुभ और अशुभ समय (मुहूर्त)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:21 से 03:04 तक। यह किसी भी प्रतियोगिता या विवाद को सुलझाने के लिए उत्तम है।
- अमृत काल: सुबह 11:08 से दोपहर 12:47 तक।
- राहुकाल: शाम 04:34 से 05:54 तक। इस समय के दौरान कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि राहु की छाया कार्यों में बाधा उत्पन्न कर सकती है।
- विशेष सावधानी
आज रविवार को पश्चिम दिशा में ‘दिशा शूल’ रहता है। यदि आपको इस दिशा में यात्रा करनी है, तो घर से दलिया, घी या गुड़ खाकर निकलना शुभ रहेगा।









