अमृतसर में बड़ी मुठभेड़: 50 से अधिक मुकदमों में वांछित कुख्यात गैंगस्टर मनी प्रिंस ढेर

अमृतसर: पंजाब पुलिस ने अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात गैंगस्टर मनी प्रिंस को एक भीषण मुठभेड़ में मार गिराया है। यह कार्रवाई अमृतसर के अटारी इलाके के पास हुई, जहां पुलिस और अपराधी के बीच सीधी फायरिंग हुई। मनी प्रिंस हाल ही में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था, जिसके बाद से ही वह पुलिस की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में था।

घेराबंदी देख की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में मारा गया
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मनी प्रिंस अटारी बॉर्डर के नजदीकी इलाके में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी की। खुद को पुलिस से घिरा देख गैंगस्टर ने आपा खो दिया और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
डीआईजी संदीप गोयल ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिसके कारण अपराधी की गोलियां जवानों को नुकसान नहीं पहुंचा सकीं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मनी प्रिंस को गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
अस्पताल से फरार हुआ था अपराधी
गौरतलब है कि मनी प्रिंस का यह दूसरा एनकाउंटर था। इससे पहले हुई एक मुठभेड़ में वह घायल हो गया था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से वह सुरक्षा घेरे को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा था। तभी से अमृतसर और तरनतारन पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

अपराध का लंबा काला इतिहास
मनी प्रिंस क्षेत्र के सबसे खूंखार अपराधियों में से एक माना जाता था। उस पर दर्ज मामलों की सूची लंबी है:
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- कुल मामले: 50 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे।
- क्षेत्र: अमृतसर, तरनतारन और पंजाब के अन्य जिले।
- धाराएं: हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (ड्रग्स) एक्ट।
- स्थिति: कई मामलों में उसे पहले ही दोषी करार दिया जा चुका था।
”इस कार्रवाई से क्षेत्र के आपराधिक नेटवर्क को गहरा झटका लगा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अपराधियों के खिलाफ इसी तरह के सख्त कदम उठाती रहेगी।”
— संदीप गोयल, डीआईजी

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान किन लोगों ने उसे पनाह दी थी। इस एनकाउंटर के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।








