नगरोटा में कश्मीरी पंडितों का हल्लाबोल, 36 साल के इंतजार के बाद हाईवे पर उतरा गुस्सा
जगती में NH-44 पर लगा कई किलोमीटर लंबा जाम, आश्वासन के बाद खुला रास्ता, एक घायल

जम्मू जिले के नगरोटा स्थित जगती इलाके में बीती रात कश्मीरी पंडित समाज का गुस्सा फूट पड़ा। अपनी लंबित मांगों और पुनर्वास की अनदेखी से नाराज सैकड़ों कश्मीरी पंडित युवाओं ने जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे-44 को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।

36 वर्षों का दर्द आया सामने
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले 36 वर्षों से अपनी जायज मांगों और घर वापसी (पुनर्वास) के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। युवाओं ने आरोप लगाया कि उनकी फाइलों पर धूल जम रही है और प्रशासन केवल आश्वासनों तक सीमित है।
”हमारी मांगें दशकों से लंबित हैं। अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है, इसलिए हमें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।” — एक प्रदर्शनकारी युवा

जाम में फंसी रहीं सैकड़ों गाड़ियां, एक घायल
हाईवे जाम होने के कारण श्रीनगर जाने वाले और वहां से आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान विरोध प्रदर्शन के बीच मची अफरा-तफरी में एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल की हालत फिलहाल स्थिर है।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
स्थिति बिगड़ते देख रूरल एसपी, नगरोटा थाना प्रभारी (SHO) और जम्मू जिला प्रशासन के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से लंबी बातचीत की। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को सरकार के उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा और जल्द ही इस पर सकारात्मक चर्चा होगी।
संघर्ष जारी रखने का संकल्प
अधिकारियों के लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया गया। हालांकि, कश्मीरी पंडित समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे।









