77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर: पहली बार दिखेगी ‘भैरव बटालियन’, नदियों के नाम पर होंगे बैठने के स्थान

देश अपने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। रक्षा सचिव आर. के. सिंह ने हाल ही में साउथ ब्लॉक में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान इस वर्ष के समारोह की विस्तृत रूपरेखा साझा की। इस बार का गणतंत्र दिवस कई मायनों में ऐतिहासिक और ‘प्रथम’ का साक्षी बनने वाला है।
150वीं वर्षगांठ और नया नामकरण
इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित है। समारोह में इस बार एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा—परेड स्थल पर बैठने की जगहों के लिए अब ‘VVIP’ जैसे शब्दों का उपयोग नहीं होगा। इसके बजाय, सभी बैठने के स्थानों के नाम भारत की पवित्र नदियों जैसे गंगा, यमुना और नर्मदा के नाम पर रखे गए हैं।
पहली बार परेड में उतरेगी ‘भैरव बटालियन’
समारोह का मुख्य आकर्षण नवगठित ‘भैरव लाइट कमांडो बटालियन’ होगी। पिछले साल अक्टूबर में गठित इस बटालियन ने हाल ही में जयपुर में सेना दिवस परेड में हिस्सा लिया था और अब यह पहली बार राजपथ (कर्तव्य पथ) पर अपना शौर्य प्रदर्शित करेगी। स्वदेशी प्लेटफॉर्मों के साथ प्रमुख सैन्य साजो-सामान ‘चरणबद्ध युद्ध संरचना’ में नजर आएंगे।

आसमान में वायुसेना का दम: शानदार फ्लाईपास्ट
गणतंत्र दिवस के दौरान होने वाले फ्लाईपास्ट में भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक विमान और हेलीकॉप्टर आसमान में अपनी ताकत दिखाएंगे। इसमें मुख्य रूप से शामिल होंगे:
- लड़ाकू विमान: राफेल, सुखोई-30, मिग-29
- हेलीकॉप्टर: अपाचे, एलसीएच (लाइट कॉम्बैट), एएलएच (एडवांस्ड लाइट) और एमआई-17
- परिवहन विमान: सी-130 और सी-295
खास मेहमान और मुख्य अतिथि
इस वर्ष के समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।

बीटिंग रिट्रीट: भारतीय संस्कृति के रंग
26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर परेड के बाद, 29 जनवरी को विजय चौक पर ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह के साथ कार्यक्रमों का समापन होगा। इस वर्ष बीटिंग रिट्रीट के लिए बनाए गए बाड़ों के नाम भारतीय वाद्ययंत्रों जैसे ‘बांसुरी’, ‘सरोद’ और ‘तबल’ के नाम पर रखे गए हैं, जो भारतीय परंपरा की झलक पेश करेंगे।
आम जनता के लिए सूचना
तैयारियों के मद्देनजर राष्ट्रपति भवन का सर्किट-1 (मुख्य इमारत का भ्रमण) 21 जनवरी से 29 जनवरी तक आम जनता के लिए बंद रहेगा। राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, समारोह की सुरक्षा और व्यवस्था के कारण यह निर्णय लिया गया है।









