चंडीगढ़: कारोबार विस्तार के नाम पर 68 करोड़ की महाठगी, मुंबई और दुबई के दंपत्ति समेत 3 पर केस
क्राइम ब्रांच की जांच शुरू: एसिक्स बायोसाइंसेज लिमिटेड के प्रतिनिधि को झांसे में लेकर हड़पी मोटी रकम

शहर में व्यापार और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। मुंबई और दुबई के तीन कथित व्यवसायियों ने पंचकूला निवासी एक उद्यमी से करीब 68 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों ने मुंबई में जमीन के संयुक्त विकास (Joint Development) का झांसा देकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।

इन पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने जिन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, उनकी पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- मीनाक्षी किशोर मेहता (निवासी: मुंबई)
- निलाय किशोर मेहता (निवासी: मुंबई)
- रूशिन मेहता (निवासी: दुबई)
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता गगन अग्रवाल (निवासी सेक्टर-21, पंचकूला), जो एसिक्स बायोसाइंसेज लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि हैं, ने पुलिस को बताया कि साल 2023 में उनकी कंपनी मुंबई में अपना कारोबार बढ़ाने की योजना बना रही थी। इसी दौरान आरोपियों ने उनसे संपर्क किया।
आरोपियों ने खुद को टू कैप फाइनेंस लिमिटेड और विल्सन होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों का कर्ता-धर्ता बताया। उन्होंने दावा किया कि मुंबई के अंधेरी ईस्ट इलाके में उनकी एक बेशकीमती संपत्ति है, जिस पर वे एक ‘जॉइंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ शुरू करना चाहते हैं।

भरोसा जीतने के लिए दिखाए झूठे सपने
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने गगन अग्रवाल को विश्वास दिलाया कि:
- प्रोजेक्ट के लिए सभी जरूरी कानूनी मंजूरियां पहले से प्राप्त हैं।
- निवेश की गई राशि एक सुरक्षित ‘ट्रस्ट’ में रखी जाएगी।
- बिना ब्याज वाली इस राशि का उपयोग केवल प्रोजेक्ट के विकास कार्यों में ही होगा।
इन बातों पर भरोसा करते हुए 6 मार्च 2024 को दोनों पक्षों के बीच एक समझौता (JDA) हुआ। इसके बाद, मार्च 2024 में ही चंडीगढ़ स्थित एचडीएफसी बैंक से 68 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।
निजी खाते में पहुंची रकम, काम नहीं हुआ शुरू
हैरानी की बात यह है कि यह भारी-भरकम राशि किसी कंपनी के बजाय सीधे आरोपी मीनाक्षी मेहता के निजी बैंक खाते में भेज दी गई। निवेश के बाद जब प्रोजेक्ट पर कोई काम शुरू नहीं हुआ, तो गगन अग्रवाल ने संपर्क किया। आरोपियों ने न तो काम शुरू किया और न ही पैसे वापस किए। बार-बार कानूनी नोटिस भेजने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं निकला, तो पीड़ित ने पुलिस की शरण ली।
जांच का दायरा: “पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अन्य कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।” – पुलिस सूत्र

मुख्य बिंदु:
- ठगी की राशि: 68 करोड़ रुपये।
- बैंक: एचडीएफसी बैंक, चंडीगढ़ शाखा से हुआ लेन-देन।
- आरोप: धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा (IPC की संबंधित धाराएं)।








