ज्ञानी गुरमुख सिंह मुसाफ़िर विशेष अंक के लिए रचनाएँ आमंत्रित

पठानकोट: भाषा विभाग पंजाब ने अपने गुणात्मक और समृद्ध प्रकाशन कार्यों के माध्यम से साहित्य प्रेमियों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया है। निदेशक स. जसवंत सिंह ज़फ़र के नेतृत्व में यह कार्य निरंतर प्रगति पर है। विभाग द्वारा पिछले कई दशकों से पंजाबी की दो, हिंदी की एक और उर्दू की एक पत्रिका का नियमित प्रकाशन किया जा रहा है।

पंजाब की राजनीति के साथ-साथ पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत के विकास में ज्ञानी गुरमुख सिंह मुसाफ़िर का अद्वितीय योगदान रहा है। उल्लेखनीय है कि 1966 में पंजाबी सूबे की स्थापना के समय वह पंजाब के मुख्यमंत्री थे। उनकी 50वीं पुण्यतिथि के अवसर पर, पंजाबी साहित्य और राजनीति में उनके योगदान को याद करते हुए भाषा विभाग, पंजाब अपनी पत्रिका ‘जन साहित्य’ का एक विशेष अंक (जनवरी-मार्च 2026) प्रकाशित करने जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला भाषा कार्यालय, पठानकोट के अनुसंधान अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इस अंक के उच्च साहित्यिक मानक को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी साहित्यकारों, लेखकों, विद्वानों और शोधकर्ताओं से रचनाएँ आमंत्रित की गई हैं।

- विषय: ज्ञानी गुरमुख सिंह मुसाफ़िर की उपलब्धियाँ, साहित्य (कविता, कहानी, जीवनी) और राजनीति में उनका योगदान।
- रचना भेजने की अंतिम तिथि: 10 फरवरी, 2026
- संपर्क: इच्छुक लेखक अपनी रचनाएँ निर्धारित तिथि तक जिला भाषा कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।









